
नई दिल्ली: सऊदी अरब में स्थित लाल सागर दुनिया का सबसे नमकीन सागर कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस सागर में कोई जीव जिंदा नहीं रह सकता है। यहां का वातावरण इतना खराब है कि कोई भी जीव जीवित नहीं रह सकता है। खासतौर पर बड़े जीव के लिए यह बहुत घातक है।
दरअसल एक सऊदी अरब के शोधकर्ताओं नें लाल सागर के 5800 फीट की गहराई में नमकीन पूल की खोज की है। बताया जा रहा है कि इस पूल की खोल के लिए शोधकर्ताओं को 6 महीने लग गए है तब जाकर इसकी खोज की गई है। वहीं इस पूल का वातावरण इतना खराब होता है कि वहां जाने वाला कोई भी जीव बच नहीं पाता। बड़े जानवरों के लिए इस पूल का पानी बेहद घातक है, लेकिन कुछ जीव ऐसे हैं जो इतने खतरनाक वातावरण में भी जिंदा रहते हैं। यहां सूक्ष्म जीवों की कुछ प्रजातियां हैं, जो इन बेहद नमकीन पूल में फल-फूल रही हैं।
शोधर्ताओं ने इस नमकीन पूलों को NEOM नाम दिया। उनका कहना है कि यह पूल की खोज 6 महीने से जारी थी। पहले इस पूल के अंदर कोई नहीं जा पा रहा था। पूल की स्थिति, सेडिमेंटोलॉजी, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी को समझने के लिए, सीटू माप और नमूने इकट्ठे किए गए। इन सैंपल से यह पता किया जा सकता है कि क्या NEOM पूल, लाल सागर में पाए जाने वाली बाकी ब्राइन पूल की श्रेणी में आते हैं, या फिर इसकी अपनी अलग श्रेणी है। दोनों ही पूल के बीच एक खास अंतर यह है कि NEOM समुद्र के किनारे के काफी करीब है, जबकि दूसरे पूल किनारे से कोई 25 किलोमीटर दूर हैं।
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