
साल 2019 में क्रिकेट को नया विश्व चैंपियन मिला और इसके साथ ही दुनिया को ‘जेंटलमैन गेम’ देने वाले अंग्रेजों की बरसों पुरानी मुराद भी पूरी हो गई।
दुनिया को क्रिकेट देने वाले इंग्लैंड ने पहली बार आईसीसी विश्व कप की ट्रॉफी जीती। इंग्लैंड की यह जीत जितनी ऐतिहासिक रही, उतनी ही विवादास्पद भी रही। आपने कई बार पढ़ा होगा कि रोमांच के चरम तक पहुंचे इस मैच में X टीम ने Y को हरा दिया। लेकिन सही मायने में 44 साल के विश्व कप इतिहास में इस बार सबसे रोमांचक फाइनल खेला गया।
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप इस साल 30 मई से 14 जुलाई के बीच इंग्लैंड और वेल्स में खेला गया। इस टूर्नामेंट में 10 टीमों के बीच 48 मैच खेले गए। भारत के रोहित शर्मा ने 50 ओवर के इस टूर्नामेंट में सबसे अधिक 648 रन बनाए। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन मैन ऑफ द सीरीज रहे। लेकिन खिताब ना तो रोहित की टीम को मिला और ना ही विलियम्सन की टीम को। खिताब पर तो मेजबान इंग्लैंड ने कब्जा किया, जो क्रिकेट का जन्मदाता भी है।
12वें विश्व कप का फाइनल 14 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला गया न्यूजीलैंड ने पहले बैटिंग करते हुए आठ विकेट पर 241 रन बनाए लगा कि स्कोर थोड़ा कम रह गया है लेकिन क्रिकेट तो कयासों को झुठलाने का खेल है न्यूजीलैंड के 241 रन इतने पर्याप्त हुए कि यह मैच एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार टाई हुआ
पुरुष किकेट में विश्व कप की शुरुआत 1975 में हुई। इसके बाद से 2015 तक 11 विश्व कप हुए। इंग्लैंड तीन बार फाइनल में पहुंचा, लेकिन खिताब से दूर ही रहा। इस बार यानी, 2019 में जब वह टूर्नामेंट में उतरा तो उसके नाम सबसे ज्यादा फाइनल हारने का रिकॉर्ड था। बहरहाल, यह सब इतिहास है। मौजूदा सच यह है कि इयोन मोर्गन की इंग्लिश टीम ने इस बार खिताब जीतकर पिछले सारे दाग धो दिए। अब वह विश्व चैंपियन है।
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