
कोलकाता : तीन मैचों की सीरीज के आखिरी मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। ये पहला मौका था जब इस इस मैदान पर भारत को इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा ।
भारत की इस हार में भी उसकी जीत थी क्योंकि इस सीरीज ने भारतीय टीम को एक नया हीरो दे दिया। इस हीरो का नाम है केदार जाधव।
केदार जाधव ने पूरी सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। शायद इसी वजह से उन्हें 'मैन ऑफ द सीरीज' के खिताब से नवाजा गया।
उन्होंने रविवार को खेले गए अाखिरी वनडे में भी मात्र 75 गेंदों में शानदार 90 रनों की पारी खेली। 12 चौके और 1 गगनचुंबी छक्का लगाया।
मैच के बाद आखिरी ओवर के रोमांच के बारे में बात करते हुए जाधव ने कहा कि, मैं सभी छह गेंदों को खेलने की कोशिश कर रहा था। मुझे पता था कि यदि मैं हिट लगाऊंगा तो बॉलर दबाव में आएंगे। लेकिन मैं इस स्थिति में नहीं था कि बड़े शॉट लगा पाता। यही वजह है कि मैं शॉट को मिसटाइम कर गया। मुझे इसका बेहद अफसोस है।
उन्होंने आगे कहा, बात यह है कि जब मैं टीम में आया था तो मैं धोनी के साथ बहुत ज्यादा समय गुजारता था।इससे मुझे चुनौतीपूर्ण स्थितियों का शांतिपूर्ण सामना करने में मदद मिली। मैं अधिक देर तक विकेट में टिके रहना चाहता था। मुझे पता था कि सामान्य शॉट से चौके आएंगे। यही बात मैंने हार्दिक को भी बताई थी। यदि हम अंत तक खेलेंगे तो हम जीतेंगे। मुझे बहुत खुशी होती अगर हम ये मैच जीत गए होते लेकिन मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। मै भविष्य में सुधार करूंगा।
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