1 विकेट और ले लेता तो इतिहास रच देता यह श्रीलंकाई दिग्गज

1 विकेट और ले लेता तो इतिहास रच देता यह श्रीलंकाई दिग्गज

श्रीलंकाई स्पिनर मुरलीधरन 14 साल पहले ठीक आज ही के दिन इतिहास रचने से चूके थे। वे टेस्ट क्रिकेट इतिहास में एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन करने के करीब पहुंच गए थे। 4 जनवरी 2002 को कैंडी में श्रीलंका के खिलाफ शुरू हुए दूसरे टेस्ट के पहले दिन मेहमान टीम ने 234 रनों पर 9 विकेट गंवाए थे और ये सभी 9 विकेट मुरलीधरन ने लिए थे और उस वक्त तक उन्होंने इसके लिए 51 रन खर्च किए थे। 

मैच के दूसरे दिन के खेल की पहली गेंद पर रसेल अर्नाल्ड ने मुरलीधरन की गेंद पर ट्रेविस फ्रेंड का आसान कैच टपका दिया। इसके बाद मुरली की गेंद पर अंपायर ने एलबीडब्ल्यू की करीबी अपील को ठुकरा दिया। दूसरे छोर पर चामिंडा वास की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर हेनरी ओलोंगा का बल्ला छुआ और विकेटकीपर कुमार संगकारा ने कैच लपक लिया और मुरली इतिहास रचने से चूक गए। 

यदि रसेल अर्नाल्ड ने फ्रेंड का कैच लपक लिया होता तो मुरली इतिहास रच देते। वे किसी टेस्ट पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे (जिम लेकर और अनिल कुंबले) गेंदबाज बन जाते। इसके अलावा टेस्ट पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी विश्लेषण (51/10) का कीर्तिमान मुरली के नाम हो जाता।

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