
भारत के चेतेश्वर पुजारा ने गुरुवार को विशाखापत्तनम में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अनोखे कारनामे को अंजाम दिया। पुजारा ने इस मैच की पहली पार में शानदार शतक (119) लगाया।
यह पुजारा का लगातार तीसरा टेस्ट शतक है और उन्होंने तीनों शतक टेस्ट सेंटर के रूप में डेब्यू कर रहे केंद्रों पर लगाए। इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन संभवत: इस तरह की उपलब्धि हासिल करने का यह दुर्लभ मौका है।
टेस्ट मैचों में शतक लगाना ही कितना मुश्किल होता है। लगातार तीन टेस्ट मैचों में शतक लगाना और वो भी ऐसे मैदानों पर जो टेस्ट सेंटर के रूप में शुरुआत कर रहे हो, काबिलेतारिफ बात है। इसी के साथ पुजारा ने अपने नाम अनोखी उपलब्धि हासिल कर ली।
पुजारा ने इस क्रम की शुरुआत इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ की थी। उन्होंने 8-12 अक्टूबर तक होलकर स्टेडियम में खेले गए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में नाबाद 101 रन बनाए थे। होलकर स्टेडियम भारत का 22वां टेस्ट केंद्र बना था।
पुजारा ने शतक के इस सिलसिले को राजकोट में इंग्लैंड के खिलाफ बरकरार रखा। अपने गृहनगर में 9 नवंबर से खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने 124 रन बनाए। अब इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए चेतेश्वर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 119 रन बनाए।
पिछले कुछ समय से पुजारा के स्ट्राइक रेट पर उंगलियां उठाई जा रही थी, लेकिन इस सीरीज में वे उन्मुक्त होकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने टेस्ट के लिहाज से अच्छे स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 204 गेंदों में 12 चौकों और 2 छक्कों की मदद से यह शतक पूरा किया। हैरत की बात तो यह है कि उन्होंने छक्का लगाते हुए शतक पूरा किया था।
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