विराट के पास 2016 का टॉप स्कोरर बनने का मौका

विराट के पास 2016 का टॉप स्कोरर बनने का मौका

भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वर्ष 2016 का टॉप स्कोरर बनने का मौका है। विराट अभी शीर्ष पर चल रहे इंग्लैंड को जो रूट से मात्र 139 रन पीछे हैं और ये दोनों इस वर्ष अब भारत में ही टेस्ट और वन-डे सीरीज खेलेंगे, जिसके चलते विराट को घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस साल यदि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात की जाए तो इंग्लैंड के जो रूट पहले, भारत के विराट कोहली दूसरे, ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर तीसरे, ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ चौथे और द. अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक पांचवें स्थान पर है।

जो रूट ने कुल 36 मैचों में 50.70 की औसत से 2079 रन बनाए जबकि विराट ने 32 मैचों में 80.83 की औसत से 1940 रन बनाए हैं। रूट ने इस वर्ष 12 टेस्ट में 986, 15 वन-डे में 796 और 9 टी-20 मैचों में 297 रन बनाए। दूसरी तरफ विराट ने 7 टेस्ट में 560, 10 वन-डे में 739 और 15 टी20 मैचों में 641 रन जड़े हैं।

विराट को घर में खेलने का लाभ मिलने की उम्मीद : भारत और इंग्लैंड को इस वर्ष के अंत तक भारत में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। विराट इस वक्त जबर्दस्त फॉर्म में है और अपेक्षाकृत कमजोर इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ उनके सफल होने का अनुमान है। दूसरी तरफ रूट को भारत के टर्निंग ट्रेक पर भारतीय स्पिनरों की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। इसके चलते रूट की बजाए विराट के लाभ में रहने का अनुमान है।

वॉर्नर, स्मिथ और डी कॉक के पास भी मौका : ऑस्ट्रेलिया के वॉर्नर और स्मिथ तथा दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक भी इस होड़ में शामिल है। ऑस्ट्रेलिया और द. अफ्रीका को इस वर्ष के अंत तक तीन टेस्ट और तीन वन-डे खेलने हैं और इन बल्लेबाजों के पास भी शीर्ष पर पहुंचने का मौका रहेगा। पर्थ में चल रहे पहले टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति तक वॉर्नर इस वर्ष 1724, स्मिथ 1600 और डी कॉक 1478 रन बना चुके हैं।

2008 में सहवाग बने थे टॉप स्कोरर : यदि विराट यह उपलब्धि हासिल करने में सफल होते हैं तो 2008 के बाद यह पहला मौका होगा ‍जब कोई भारतीय किसी वर्ष टॉप स्कोरर रहा। 2008 में वीरेंद्र सहवाग ने यह उपलब्धि हासिल की थी, उसके बाद से कोई भारतीय बल्लेबाज इस मुकाम को हासिल नहीं कर पाया।

सहवाग 2008 में 2353 रन बनाकर वर्ष के टॉप स्कोरर बने थे। उसके बाद से तिलकरत्ने दिलशान (श्रीलंका 2009), हाशिम अमला (द. अफ्रीका 2010), कुमार संगकारा (श्रीलंका 2011), माइकल क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया 2012), एबी डीविलियर्स (द. अफ्रीका 2013), संगकारा (श्रीलंका- 2014) और केन विलियम्सन (न्यूजीलैंड 2015) ने यह उपलब्धि हासिल की है।

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