
विशाखापट्टनम : रोहित शर्मा और विराट कोहली के अर्धशतकों के बाद लेग स्पिनर अमित मिश्रा की कलाईयों की जादूगरी से भारत ने आज यहां न्यूजीलैंड को पांचवें और निर्णायक एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 190 रन से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की श्रृंखला 3-2 से जीतने के साथ देशवासियों को दीवाली की पूर्वसंध्या पर खूबसूरत तोहफा दिया।
भारत ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए धीमे विकेट पर छह विकेट पर 269 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। रोहित शर्मा ने फार्म में वापसी करते हुए 65 गेंदों पर 70 रन की पारी खेली जबकि विराट कोहली ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखते हुए 76 गेंदों पर 65 रन बनाये. इनके अलावा कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (41) तथा डेथ ओवरों में केदार जाधव (नाबाद 39) और अक्षर पटेल (24) ने उपयोगी पारियां खेली।
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज किसी भी समय पिच से सामंजस्य नहीं बिठा पाये और उसकी टीम 23.1 ओवर में 79 रन पर ढेर हो गयी जो उसका भारत के खिलाफ न्यूनतम स्कोर है. मिश्रा के हावी होने के बाद तो उसकी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गयी. कीवी टीम ने अपने आखिरी आठ विकेट 16 रन के अंदर गंवाये।
मिश्रा ने 18 रन देकर पांच विकेट लिये. अक्षर पटेल ने नौ रन देकर दो जबकि उमेश यादव, जयंत यादव और जसप्रीत बुमराह ने एक एक विकेट लिया. न्यूजीलैंड के केवल तीन बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे. भारत की यह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी और ओवरआल चौथी बडी जीत है।
इस तरह से न्यूजीलैंड का भारतीय सरजमीं पर पहली बार श्रृंखला जीतने का सपना पूरा नहीं हो पाया. उसने रांची में चौथा वनडे जीतकर सीरीज 2-2 से बराबर करायी थी लेकिन आखिरी मैच में उसकी टीम किसी भी समय मुकाबले में नहीं दिखी. भारत ने इस तरह से टेस्ट में 3-0 से क्लीन स्वीप करने के बाद वनडे सीरीज जीतकर अपनी धरती पर व्यस्त सत्र का शानदार आगाज किया।
न्यूजीलैंड की टीम केवल 23.1 ओवर तक ही टिक पायी. पहली बार उसकी टीम इतने कम ओवरों में आउट हुई. उमेश ने पहले ओवर में ही आउटस्विंगर पर मार्टिन गुप्टिल (शून्य) का विकेट थरथराकर न्यूजीलैंड को दबाव में ला दिया था. दूसरे सलामी बल्लेबाज टाम लैथम (19) ने भी बुमराह की गेंद पर मिडविकेट पर खड़े जयंत यादव को कैच का अभ्यास कराया।
जयंत का यह पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच है। कप्तान केन विलियमसन (27) और रोस टेलर (19) ने कुछ देर तक विकेट गिरने का क्रम रोका लेकिन उन्हें पिच का मिजाज समझ में नहीं आ रहा था जिस पर रन बनाना आसान नहीं था। यह साझेदारी टूटते ही मिश्रा पूरी तरह से हावी हो गये और न्यूजीलैंड की पारी का पतन शुरु हो गया. अक्षर ने विलियमसन को लांग आफ पर खड़े जाधव के हाथों कैच कराकर यह साझेदारी तोड़ी जबकि मिश्रा ने टेलर और बीजे वाटलिंग को तीन गेंद के अंदर पवेलियन भेजा।
टेलर ने कट करने के प्रयास में धौनी को कैच दिया जबकि वाटलिंग गुगली को नहीं समझ पाये और बोल्ड हो गये। जयंत ने अपने दूसरे ओवर में ही कोरे एंडरसन को पगबाधा आउट करके अपने करियर का पहला विकेट लिया. मिश्रा की गेंदबाजी देखकर तो ऐसा लग रहा था कि मानो उन्हें दीवाली का जश्न मनाने की देरी हो रही है। उन्होंने अपने अगले ओवर में दो विकेट निकाल दिये जिसमें आलराउंडर जेम्स नीशाम (तीन) का विकेट भी शामिल था जिन्हें उन्होंने खूबसूरत लेग ब्रेक पर बोल्ड किया. इसके बाद भारत की जीत महज औपचारिकता रह गयी थी।
मिश्रा ने श्रृंखला में सर्वाधिक 15 विकेट लिये. इससे पहले भारतीय पारी में अधिकतर बल्लेबाजों ने योगदान दिया. कोहली पांच मैचों की श्रृंखला में 119.33 की औसत से 358 रन बनाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्हें लेग स्पिनर ईश सोढी (66 रन देकर दो विकेट) ने लगातार दूसरे मैच में आउट किया. कोहली लंबा शाट खेलना चाहते थे लेकिन उन्होंने लांग आफ पर सीधे कैच थमा दिया।
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