
इंदौर : इंदौर अपने पहले टेस्ट मैच के लिए पूरी तरह तैयार है और 8 अक्टूबर से होलकर स्टेडियम में क्या नजारा रहेगा, इसका अंदाजा गुरुवार को टीमों के प्रैक्टिस सेशन के दौरान लग गया था। होलकरों की नगरी इंदौर के क्रिकेट इतिहास में शनिवार को गौरवशाली पन्ना जुड़ेगा जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच खेला जाएगा।
भारत में इस सत्र में कुल 13 टेस्ट मैच खेले जाने है और बीसीसीआई ने कुछ समय पहले ही टेस्ट केंद्र का दर्जा दिए गए छह केंद्रों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) तथा पूरे इंदौर के लिए यह गर्व की बात है कि इन नए केंद्रों में सबसे पहले इंदौर को इस मेजबानी का मौका मिला है।
मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि टेस्ट क्रिकेट का भारत के पहले कप्तान कर्नल सीके नायुडू इंदौर से थे। विदेशी धरती पर टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक लगाने वाले मुश्ताक अली इंदौर के थे। इसी तरह डेब्यू टेस्ट में 16 विकेट लेने वाले नरेंद्र हिरवानी भी इंदौर के ही है। एमपीसीए की कमान इस वक्त संजय जगदाले के हाथों में है जो बीसीसीआई के सचिव होने के अलावा सिलेक्टर भी रह चुके हैं।
प्रैक्टिस सेशन के दौरान जबर्दस्त था माहौल : गुरुवार को होलकर स्टेडियम में प्रैक्टिस के दौरान जबर्दस्त माहौल था। करीब 4 हजार से ज्यादा फैंस स्टेडियम के अंदर मौजूद थे, जिसकी वजह से मैच के समान नजारा लग रहा था। लेकिन एमपीसीए ने शुक्रवार को प्रैक्टिस के दौरान फैंस को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी। टिकटों की बिक्री और इंदौर में मैच को लेकर बने माहौल के मद्देनजर मैच के दौरान स्टेडियम पूरा भरा रहने का अनुमान है।
गौरवशाली परंपरा के अनुसार होगा आयोजन : एमपीसीए के अध्यक्ष संजय जगदाले ने कहा कि होलकर स्टेडियम की अपनी विशेष पहचान है और भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट का आयोजन भी प्रदेश की गौरवशाली क्रिकेट परंपरा के अनुसार ही होगा। स्टेडियम की पिच स्पोर्टिंग रहेगी और बल्लेबाजों तथा गेंदबाजों दोनों के लिए मददगार साबित होगी।
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