BCCI ने SC से कहा- नहीं किया लोढ़ा समिति का असहयोग

BCCI ने SC से कहा- नहीं किया लोढ़ा समिति का असहयोग

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट के लिए गुरुवार का दिन बेहद अहम है। सुप्रीम कोर्ट में लोढ़ा कमेटी और उसकी सिफारिशों को अपनाने से अब तक बचते रहे बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के केस की अहम सुनवाई चल रही है।

सुनवाई के दौरान अदालत के सामने अपना जवाब दाखिल करते हुए क्रिकेट बोर्ड ने सारे आरोपों से इन्‍कार किया है। बोर्ड ने आगे कहा कि सदस्‍यों की एक बैठक हुई थी जिसमें लोढ़ा कमेटी की कुछ सिफारिशों को रिजेक्‍ट कर दिया गया था। हमारे द्वारा भेजे गए 40 ईमेल्‍स की डिटेल कोर्ट के सामने पेश की जाएगी, यह गलत है कि हमने कमेटी के किसी मेल का जवाब नहीं दिया।

गुरुवार को इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले जस्टिस लोढ़ा ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं कहना है, उन्हें जो भी कहना था वह कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट संज्ञान लेगा।

इससे पहले बीसीसीआई का कहना था कि लोढ़ा कमेटी की सभी सिफारिशें मानना उसके लिए संभव नहीं है, क्योंकि ऐसा करने से बोर्ड का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। लोढ़ा कमेटी की सबसे बड़ी सिफारिश यह है कि बीसीसीआई से नेताओं और नौकरशाहों की छुट्टी हो तथा उनके स्थान पर क्रिकेटरों को मौका दिया जाए।

इससे पहले हुई सुनवाइयों में सुप्रीम कोर्ट कई बार बोर्ड को बुरी तरह लताड़ चुका है। पिछली सुनवाई में बोर्ड के ढील रवैये से खफा सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक कह दिया है कि बोर्ड सुधर जाए, वरना हमें सुधारना आता है।

गुरुवार को होने वाली सुनवाई में वरिष्ठ वकील और पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल बीसीसीआई की पैरवी करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, बीसीसीआई की ओर से सबसे बड़ी दलील यही होगी कि लोढ़ा कमेट की सिफारिशें मानने से देश में क्रिकेट और उसे चलाने वाली यह सबसे बड़ी बॉडी समाप्त हो जाएगी। वहीं लोढ़ा कमेटी अपनी 16 सिफारिशों पर अड़ी है।

Leave a comment