दीपा ने रियो पैरालिंपिक में रजत पदक जीतकर रचा इतिहास

दीपा ने रियो पैरालिंपिक में रजत पदक जीतकर रचा इतिहास

रियो डी जेनेरियो : भारत की दीपा मलिक ने रियो पैरालिंपिक में शॉटपुट एफ-53 में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वे पैरालिंपिक में कोई पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई।

दीपा को इस रजत पदक पर अब हरियाणा सरकार द्वारा 4 करोड़ रुपए प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें खेल मंत्रालय की तरफ से 50 लाख रुपए दिए जाएंगे।

यह इस पैरालिंपिक में भारत का तीसरा पदक है। इससे पहले भारत को पुरुषों की ऊंची कूद में मरियप्पन थांगावेलू ने स्वर्ण और भाटी ने वरूण सिंह भाटी ने कांस्य पदक दिलाया था।

सत्रह साल पहले रीढ में ट्यूमर के कारण जिस दीपा मलिक का चलना असंभव हो गया था, आज उसी ने पैरालिंपिक खेलों में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। हरियाणा की 45 वर्षीय दीपा ने अपने छह प्रयासों में से सर्वश्रेष्ठ 4.61 मी. दूरी नापकर दूसरा स्थान पाया। बहरीन की फातिमा नदीम ने 4.76 मीटर की दूरी नापकर पीला तमगा, जबकि यूनान की दिमित्रा कोरोकिदा नेने 4.28 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।

प्रधानमंत्री ने दी बधाई :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'दीपा मलिक आपके पदक जीतने से देश गौरव महसूस कर रहा है। बधाई हो। केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने भी बधाई देते हुए कहा, 'पैरालिंपिक में पदक जीतने वाली देश की पहली महिला एथलीट बनने पर आपको बहुत-बहुत बधाई। पैराएथलीट रियो में लगातार देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

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