पैरालिंपिक में भारत की हाई जंप, जीते गोल्ड और कांस्य

पैरालिंपिक में भारत की हाई जंप, जीते गोल्ड और कांस्य

रियो डि जेनेरियो : रियो पैरालिंपिक में शनिवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा। ऊंची कूद के टी-42 वर्ग में मरियप्पन थांगावेलू ने गोल्ड पर कब्जा जमाते हुए इतिहास रच दिया है। वहीं वरुण भाटी ने इसी प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया। पैरालिंपिक खेलों के इतिहास में यह भारत का तीसरा स्वर्ण पदक है।

20 वर्षीय मरियप्पन ने 1.89 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पदक जीता। भाटी 1.86 मीटर की ऊंचाई पार कर तीसरे स्थान पर रहे। अमेरिकी सेम ग्रीव ने रजत पदक जीताा। उधर, भारत के ही संदीप भाला फेंक कांस्य जीतने से चूक गए और वह चौथे स्थान पर रहे।

इससे पहले भारत के पावरलिफ्टर फरमान बाशा रियो पैरालिंपिक में कांस्य पदक से चूके जब गुरुवार को उन्हें पुरुषों के 49 किग्रा वर्ग में चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा।

42 वर्षीय पाशा ने पदक की उम्मीद जगाई थी जब उन्होंने पहले प्रयास में 140 किग्रा वजन उठाया। लेकिन वे अगले दो प्रयासों में 150 और 155 किग्रा वजन नहीं उठा पाए।

181 किग्रा वजन उठाकर विश्व कीर्तिमान बनाने वाले कांग वान ली ने स्वर्ण पदक जीता। जॉर्डन के ओमार कराडा ने रजत और हंगरी के नेंडोर टंकेल ने कांस्य पदक जीता।

भारत ने रियो पैरालिंपिक खेलों में अपना सबसे बड़ा दल भेजा है। उसके 19 खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

पदक जीतने पर मिलेगा कैश

मालूम हो, भारत सरकार पहले ही ऐलान कर चुकी है कि पैरा ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों में जो खिलाड़ी पदक जीतेंगे उन्हें नगद राशि भी ईनाम के तौर पर दी जाएगी।

यह राशि बिल्कुल इसी तर्ज पर होगी जो बीते महीने ओलिंपिक में पदक पाने वाले खिलाड़ियों को दी गई है।

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