
उड़न परी के नाम से मशहूर पूर्व दिग्गज महिला धाविका पीटी ऊषा ने रियो ओलंपिक के क्वालीफाइंग टूर्नामेंट फेडरेशन कप को राजधानी दिल्ली में कराये जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। ट्रैक क्वीन ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि मैं फेडरेशन कप के आयोजन स्थल को लेकर बिल्कुल सहमत नहीं हूं। दिल्ली शहर देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक है। यहां पर आये सभी एथलीट प्रशिक्षण के दौरान असहज महसूस कर रहे हैं। वे अभ्यास के दौरान अपने चेहरे और मुंह को ढके रहते हैं,ऐसे में उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
उन्होंने फेडरेशन कप के आयोजकों को भी फटकार लगाते हुए कहा, मुझे यह समझ में नहीं आता कि आयोजकों ने इस अहम टूर्नामेंट को यहां क्यों कराया। वे इसे और किसी शहर या किसी और समय भी तो करा सकते थे। एथलीटों को यहां न केवल भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है बल्कि प्रदूषित वातावरण ने भी उन्हें बेहाल कर रखा है। उल्लेखनीय है कि फेडरेशन कप टूर्नामेंट में तीन दिनों में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटने के बावजूद भारत को एकमात्र ओलंपिक कोटा हासिल हुआ है। यह कोटा धाविका सुधा सिंह ने 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में दिलाया।
राष्ट्रमंडल खेलों में साल 2010 में स्वर्ण पदक जीत चुकी स्टार डिस्कस थ्रोवर कृष्णा पूनिया ने भी पीटी ऊषा का समर्थन करते हुए कहा, हमने पटियाला में प्रशिक्षण लिया था। दिल्ली पटियाला के मुकाबले काफी बड़ा शहर है लेकिन मुझे लगता है कि दिल्ली में पटियाला के मुकाबले कहीं अधिक प्रदूषण है और इस टूर्नामेंट के लिए पटियाला एक अच्छा विकल्प हो सकता था।
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