पहलवान संदीप ने भारत को चौथा ओलंपिक कोटा दिलाया

पहलवान संदीप ने भारत को चौथा ओलंपिक कोटा दिलाया

रियो ओलंपिक के लिए पहले विश्व कुश्ती क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में दो दिन की निराशा के बाद तीसरे दिन रविवार को उस समय भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ गयी जब फ्री स्टाइल पहलवान संदीप तोमर ने 57 किलोग्राम वजन वर्ग में तीसरा स्थान हासिल करने के साथ भारत को चौथा ओलंपिक कोटा दिला दिया। नरसिंह यादव (74 किग्रा) ने गत वर्ष लास वेगस में हुई विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के साथ भारत को पहला ओलंपिक कोटा दिलाया था। इस वर्ष हाल में एशियाई क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में योगेश्वर दत्त ने 65 किग्रा में स्वर्ण पदक जीतकर और हरदीप ने ग्रीको रोमन वर्ग के 98 किग्रा में रजत पदक जीतकर भारत को ओलंपिक कोटा दिलाया था।

पहले विश्व क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में शुरुआती दो दिन में ग्रीको रोमन पहलवानों और महिला पहलवानों ने खासा निराश किया लेकिन फ्री स्टाइल पहलवान हरियाणा के सोनीपत के संदीप तोमर ने 57 किग्रा वर्ग में तीसरा स्थान हासिल कर भारत को एक और कोटा दिला दिया। इस टूर्नामेंट में दोनों फाइनलिस्ट और कांस्य पदक विजेताओं के बीच मुकाबले के विजेता को ओलंपिक कोटा मिलना था। संदीप के क्वालीफाई करने पर खुशी व्यक्त करते हुए द्रोणाचार्य अवॉर्डी कुश्ती गुरु महाबली सतपाल ने कहा, यह बड़ी अच्छी बात है कि जिन तीन वजन वर्गों 57, 65 और 74 किग्रा में हमें ओलंपिक में सबसे ज्यादा पदक की उम्मीद है, उनमें भारत को ओलंपिक कोटा मिल चुके हैं। ये वजन वर्ग हमेशा हमारी ताकत रहे हैं और पिछले दो ओलंपिक में हमने ऐसे ही वजन वर्गों में पदक जीते हैं। मैं संदीप को ओलंपिक कोटा हासिल करने के लिए बधाई देता हूं जिन्होंने देश को चौथा ओलंपिक टिकट दिलाया है।

24 वर्षीय संदीप ने एलेक्जेन्द्रु चिरतोआसा को 10-0 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया और रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले देश के चौथे पहलवान बन गए। उन्होंने रियो ओलंपिक के 57 किग्रा की फ्रीस्टाइल कुश्ती में कोटा हासिल किया। जीत से उत्साहित संदीप ने कहा कि इस जीत ने ओलंपिक के लिए टॉनिक का काम किया है और वह ओलंपिक में पदक जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रतियोगिता के नियमों के मुताबिक दोनों फाइनलिस्ट के अलावा दोनों कांस्य पदक विजेताओं के बीच मुकमबले के विजेता को ओलंपिक टिकट मिलना था। इस लिहाज से उनके सामने दूसरे कांस्य विजेता और मौजूदा यूरोपीय चैम्पियन यूक्रेन के आंद्रेई यातसेंको थे जिन्हें उन्होंने 11-0 के एकतरफा अंतर से हराकर भारत की बड़ी मुश्किल हल कर दी। वह इस प्रतियोगिता में ओलंपिक कोटा दिलाने वाले एकमात्र पहलवान रहे।

सोनीपत के संदीप ने इससे पहले तुर्की के सेज़ार अकगुल को भी इसी अंतर से हराया था और क्वॉर्टरफाइनल में किर्गिस्तान के उलूकबेग जोल्डोशेबेकोव को 4-1 से हराया लेकिन सेमीफाइनल में अजरबेज़ान के मिर्जालाल हसनज़ादा से वह 8-8 के स्कोर से हार गए। बड़ा अंक अजरबेजान के पहलवान ने हासिल किया था। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें खुशी है कि संदीप उनके भरोसे पर खरे उतरे। उनकी इस साल एशियन चैंपियनशिप की स्वर्णिम सफलता और उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्होंने उन्हें दल में शामिल करने की पहल की जिससे उन्हें विरोध का भी सामना करना पड़ा लेकिन उन्हें खुशी है कि संदीप ने न सिर्फ ओलंपिक कोटा दिलाया बल्कि एक चैम्पियन की तरह खेलते हुए अपने मुकमबले जीते। अन्य भारतीय पहलवानों में सत्यव्रत कादियान ही एक मुकमबला जीत पाए जबकि सोमवीर और सुमित को अपने पहले ही मुकमबले में हार का सामना करना पड़ा। अब भारतीय पहलवानों का ओलंपिक क्वालिफाइंग के लिए आखिरी पड़ाव तुर्की में होगा जहां छह से आठ मई तक वे ओलंपिक कोटे के लिए मुकाबला करेंगे।

 

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