क्या जीरो कैलोरी शुगर से बढ़ रहे है हार्ट अटैक के मामले? नई रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

क्या जीरो कैलोरी शुगर से बढ़ रहे है हार्ट अटैक के मामले? नई रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

Research on zero calories:  जीरो कैलोरी...जिसके सेवन से लोग चीनी को बॉय-बॉय कह देते है, लेकिन कभी आप लोगों ने जीरो कैलोरी के नुकसानों के बारे में जानना चाहा है। तो बता दें कि एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जीरो कैलोरी इंसानों की मौत को न्यौता देती है। अब आप सोच रहे होंगे कि ये कैसे हो सकता है तो चलिए आपको बताते है।

जीरो कैलोरी को लेकर बड़ा खुलासा

दरअसल क्लीवलैंड क्लिनिक लर्नर रिसर्च इंस्टीट्यूट ने यूनाइटेड किंगडम और यूरोप में लगभग 4 हजार लोगों पर रिसर्च किया गया और देखा गया कि इन लोगों में स्वीटनर का असर है। इसमें पाया गया कि कम ही समय में एरिथ्रिटोल अपना असर दिखाने लगता है। खून में उसका स्तर बढ़ता चला जाता है, जिससे खून के गाढ़ा होने की आशंका बढ़ती है, ब्लड क्लॉटिंग से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम भी तेजी से बढ़ता है।

शोध में शामिल एक सीनियर वैज्ञानिक ने बताया कि जीरो-शुगर जूस पसंद करने वाले ज्यादा खतरे में हैं क्योंकि वे एरिथ्रिटोल की बड़ी मात्रा बेखौफ कंज्यूम करते हैं। वे मानकर चलते हैं कि जीरो-शुगर यानी कोई खतरा नहीं, जबकि अंदर ही अंदर ब्लड प्लेटलेट्स में क्लॉटिंग की प्रवृति बढ़ रही होती है। लंबे समय से यही बताया जाता है कि लो या जीरो-कैलोरी स्वीटनर सेफ हैं, लेकिन अब कार्डियोवस्कुलर बीमारियों का खतरा जानने के लिए इसपर ग्लोबल रेगुलेशन की जरूरत भी बताई जा रही है।

क्या है एरिथ्रिटोल?

ये एक आर्टिफिशियल स्वीटनर हैं, जिसका उपयोग खाद्य उत्पादों में मिठास के ऑप्शन के रूप में किया जाता है। प्राकृतिक रूप से यह मशरूम, अंगूर, खरबूजे और नाशपाती जैसे फलों में भी पाया जाता है वहीं फर्मेंट चीजों में सोया सॉस, शराब और चीज में भी इसकी बड़ी मात्रा होती है।

खून में पहुंचकर क्या करते हैं एरिथ्रिटोल?

शोधकर्ताओं के मुताबिक, एरिथ्रिटोल में थ्रोम्बोसिस यानी रक्त का थक्का बनाने वाले नेचर होता है। ये प्लेटलेट्स को ज्यादा रिस्पॉन्स करने वाला बना देता है। यही वजह है कि 10 प्रतिशत से भी कम एरिथ्रिटोल 90 से 100 प्रतिशत तक क्लॉट फॉर्मेशन कर पाता है।

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