
नई दिल्ली: अमेरिका ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अलकायदा सरगना अल जवाहिरी को एक ड्रोन स्ट्राइक में मार गिराया है। जिसके बाद अफगानिस्तान में आंतक विरोधी अभियान में ये अमेरिका की सबसे बड़ी कामयाबी है। खुफिया सूचना मिलने के बाद रविवार दोपहर ही जवाहिरी पर ड्रोन स्ट्राइक की गई थी, जिसमें उसकी मौत हो गई। वहीं अल जवाहिरी के मारे जाने की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने की।
इसके बाद बाइडेन ने कहा कि इससे अल कायदा का नेटवर्क भी कमजोर होगा और यह भी दावा किया गया कि इस ड्रोन हमले में कोई भी नागरिक हताहत नहीं हुआ है। बता दें कि जवाहिरी ने 2011 में अलकायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद इस आतंकी संगठन की कमान संभाली थी। अमेरिका ने अल जवाहिरी की मौत पर 25 मिलियन डॉलर यानी करीब दो अरब रुपये का ऐलान कर रखा था। इसके अलावा लादेन को भी अमेरिका ने ही करीब 11 साल पहले एक अभियान में पाकिस्तान के एबटाबाद में मारा था। जानकारी के मुताबिक अयमान अल जवाहिरी का जन्म साल 1951 में 19 जून को हुआ था। जवाहिरी ने मिस्र के कैरो यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की थी,जिसके बाद उसे टॉप सर्जन के लिस्ट में गिना जाता था। वहीं जवाहिरी ने साल 1978 में काहिरा विश्वविद्यालय की एक फिलॉसफी के छात्रा से शादी कर ली,जिसका नाम अजा नोवारी था। साल 2001 में अजा की मौत हो गई,जिसके बाद जवाहिरी ने उमैमा हुसैन से दूसरी शादी रचाई। जवाहिरी के बच्चों कि बात करे तो उनके कुल सात बच्चे है,जिसका नाम फातिमा,उमायमा,नाबिला,खडिगा,मोहम्मद, आयश और नव्वर है।
अल जवाहिरी ने इजिप्टियन इस्लामिक जिहाद का गठन किया था,जिसने साल 1970 में मिस्र में सेक्युलर शासन का विरोध किया था। उसकी मांग थी कि मिस्र में इस्लामिक सरकार कायम रहे। बता दें कि साल 1981 में मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात की हत्या के बाद जवाहिरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद जवाहिरी सऊदी अरब भाग गया और वहां पर मेडिसिन विभाग में प्रैक्टिस करने लगा था। अल जवाहिरी ने 7 अगस्त 1998 को एक साथ कई देशो के दूतावास के बाहर बम धमाके किए थे। इस हमले में करीब 224 लोग ने अपनी जान गंवाई थी। जिनमें 12 अमेरिकी शामिल थे और 4,500 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके पीछे जवाहरी का हाथ था। इतना ही नहीं जवाहिरी ने साल 2000 में 12 अक्टूबर को यमन में अमेरिकी जहाज यूएसएस कोल पर भी हमला करवाया था। इन हमलों में अमेरिका के 17 नौसैनिक मारे गए थे और 30 अन्य घायल हुए थे।
कुछ दिन पहले जारी एक और वीडियो में अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने जम्मू और कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन करने के लिए अरब देशों की आलोचना की थी। उसने अपने वीडियो में कश्मीर की तुलना फिलीस्तीन से करते हुए भारत के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। जवाहिरी ने अपने वीडियो में इजरायल और भारत की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। इस वीडियो में हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों और सांप्रदायिक हिंसा के शिकार हुए लोगों को भी दिखाया गया था।
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