भारत में टीबी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के सहयोग से गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में खुशी अवतार ऐप और JOSH (Joint Squad for Health) टीमों का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार से स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि शामिल हुए। टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत अब तक बिहार में 3.50 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें 3.97 लाख टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार किया जा रहा है। बिहार के सभी 38 जिलों में जिला टीबी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। मरीजों की निःशुल्क जांच एवं उपचार के लिए 499 एक्स-रे केंद्र तथा राज्य एवं जिला स्तर पर टीबी दवा भंडार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। ‘टीबी स्क्रीनिंग, छाती के एक्स-रे, NAAT जांच, टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट एवं पोषण सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। निक्षय पोषण योजना के तहत पात्र टीबी मरीजों को प्रतिमाह ₹1,000 की सहायता दी जा रही है। वहीं, निक्षय मित्रों के सहयोग से अब तक लगभग 66 हजार फूड बास्केट का वितरण किया जा चुका है। इन प्रयासों से बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में अभियान को और मजबूती मिली है।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बिहार सहित देशभर में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को जनभागीदारी के माध्यम से और सशक्त किया जा रहा है। इसी क्रम में बिहार के सभी प्रखंडों में युवाओं के नेतृत्व में सामुदायिक स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं टीबी उन्मूलन को गति देने के लिए JOSH टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में प्रत्येक प्रखंड के लिए एक-एक वरीय पदाधिकारी, सभी जिलों में पाँच ग्राम भारत मॉडल पंचायतों के प्रतिनिधि तथा पाँच एनसीसी सदस्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एनसीसी कैडेट्स एवं माय भारत के वॉलंटियर्स भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। JOSH टीमों के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों, बचाव, समय पर जांच एवं उपचार के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे तथा संभावित मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करेंगे।
इसका उद्देश्य टीबी से संबंधित जानकारी को स्वास्थ्य संस्थानों तक सीमित न रखते हुए सीधे समुदाय और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना है। पहले चरण में बिहार के 6 जिलों—कटिहार, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, पश्चिम चम्पारण, गोपालगंज एवं शिवहर में गठित JOSH टीमें ब्लॉक, वार्ड एवं सामुदायिक स्तर पर लोगों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने पर विशेष रूप से कार्य करेंगी। इसके माध्यम से ‘टीबी मुक्त भारत’ और ‘टीबी मुक्त बिहार’ का संदेश उन समुदायों तक पहुंचाया जाएगा, जहां लोग रहते, काम करते और एक-दूसरे के साथ संवाद करते हैं। सामुदायिक पहुंच एवं सहभागिता के माध्यम से JOSH टीमें टीबी के लक्षणों, रोकथाम, समय पर जांच एवं उपचार पूरा करने से संबंधित महत्वपूर्ण संदेशों के प्रसार में सहयोग करेंगी। साथ ही टीबी से जुड़े मिथकों एवं गलत धारणाओं को दूर करने, बीमारी को लेकर सामाजिक कलंक को कम करने तथा व्यक्तियों, परिवारों एवं समुदायों को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
टीबी मुक्त बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के समन्वय से लगातार कार्य किया जा रहा है। जिला टीबी पदाधिकारी, जिला युवा पदाधिकारी (MY Bharat) एवं स्थानीय एनसीसी इकाइयों के समन्वय से माय भारत वॉलंटियर्स, एनएसएस, रेडक्रॉस, टीबी विजेताओं एवं चिकित्सा महाविद्यालयों के सदस्य भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा गया है, ताकि सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत किया जा सके।
टीबी उन्मूलन के इस अभियान में युवाओं एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जागरूकता, जांच एवं उपचार को लेकर लोगों तक पहुंच और मजबूत होगी। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से बिहार को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में अभियान को और गति मिलेगी। आइए, मिलकर टीबी को हराएं और टीबी मुक्त बिहार के संकल्प को साकार करें। इस अवसर पर बिहार में राज्य स्तर के साथ-साथ सभी जिलों में भी विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियां आयोजित की गईं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कुमार रवि, सचिव, स्वास्थ्य विभाग, डॉ. अनुपमा सिंह, अपर निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति के साथ स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी मौजूद रहें।