टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा, तिहाड़ जेल की बैरक नंबर 7 में कटेगी पूरी जिंदगी!

टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा, तिहाड़ जेल की बैरक नंबर 7 में कटेगी पूरी जिंदगी!

नई दिल्ली: टेरर फंडिंग मामले के आरोपी यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। हालांकि एनआईए की ओर से फांसी की मांग की थी। वहीं यासीन को 2 मामलों में उम्रकैद और 10 लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है। उसे तिहाड़ जेल के बैरक 7 में रखा गया है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक को दिल्ली की स्पेशल एनआईए कोर्ट द्वारा 10 लाख रूपये का जुर्माना और 2 मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यासीन मलिक को कुल 9 धाराओं के तहत सजा सुनाई गई।

बताया जा रहा है कि तिहाड़ प्रशासन के मुखिया ने यासीन मलिक की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। यासीन फिलहाल जेल नंबर 7 के एक वार्ड में अकेला रह रहा है। उस पर सीसीटीवी से पैनी नजर रखी जाएगी। उसे जेल या वार्ड शिफ्ट किया जाएगा या नहीं फिलहाल इस पर फैसला नहीं लिया गया है।

यासीन मलिक को धारा 120Bके तहत 10 साल की सजा और 10 हजार रूपये का जुर्माना, धारा 121 के तहत उम्रकैद और10 हजार का जुर्माना, धारा 121Aके तहत10 साल की सजा और10 हजार रूपये का जुर्माना, UAPA धारा 13 के तहत 5 साल की सजा और 5 हजार रूपये का जुर्मना, UAPA धारा 15के तहत 10साल की सजा और       10हजार रूपये का जुर्माना, UAPA धारा 17में उम्रकैद और10लाख का जुर्माना, UAPA धारा 18के तहत 10साल की   सजा और 10हजार रूपये का जुर्माना, UAPA की धारा 38-39के तहत       5साल की सजा और 5हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल यासीन पर पाकिस्तान के समर्थन से कश्मीर में आतंकी हमलों के लिए फंडिंग और आतंकियों को हथियार मुहैया कराने से जुड़े कई केस दर्ज थे। साल 2016 में कश्मीर घाटी की हिंसा के दौरान पत्थरबाजी पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए सरकार ने टेरर फंडिंग केस की जांच शुरू की। इस मामले में 2017 में यासीन मलिक को भी आरोपी बनाया गया। एनआईए की जांच के दौरान यासीन के खिलाफ कई अहम सबूत भी मिले। इसके अलावा कश्मीर समेत घाटी के कई इलाकों में उसकी अवैध संपत्तियों का पता भी चला था।

यासीन मलिक को दिल्ली की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने टेरर फंडिंग केस में उम्र कैद की सजा सुना दी है। कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट ने यासीन मलिक को सजा सुनाई है। बुधवार को यासीन मलिक को सजा सुनाने के दौरान श्रीनगर के मायसूमा स्थित उसके घर के पास भी कड़े सुरक्षा बंदोबस्त रहे। वहीं यासीन पर श्रीनगर में 4 एयरफोर्स जवानों की हत्या समेत कई गंभीर आरोप हैं। यासीन मलिक का नाम पूर्व में कश्मीर में हिंसा की तमाम साजिशों में शामिल रहा है। इसके अलावा उसे 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन के प्रमुख जिम्मेदार के रूप में जाना जाता है।

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