IMF on India's GDP Growth: वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की GDP 7.8 प्रतिशत रही, जिस पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का सकारात्मक रुख सामने आया है। IMF ने कहा है कि ऊर्जा की कीमतों में आए झटके के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। ये आंकड़े उम्मीदों से कहीं ज्यादा है। बता दें, IMF ने आंकड़ों की सत्यता और पारदर्शिता पर चल रही बहस के बीच भारत की जीडीपी आकलन प्रणाली में किए गए बदलावों का भी स्वागत किया और भारत को दुनिया की ग्रोथ के लिए प्रमुख इंजन बताया।
दरअसल, बीते दिन 10 सितंबर गुरुवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में हुई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान IMF की प्रवक्ता जूली कोज़ैक ने भारत री GDP पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वास्तविक GDP IMF के कर्मचारियों की उम्मीदों के साथ-साथ अन्य पर्यवेक्षकों की आम सहमति से भी अधिक रही। उन्होंने आगे कहा 'यह परिणाम ऊर्जा की कीमतों में आए झटके के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी रेखांकित करता है। इसका यह भी अर्थ है कि भारत विश्व के लिए एक प्रमुख विकास इंजन बना हुआ है।'
कोज़ैक ने भारत के ताजा GDP आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की और देश के आर्थिक आंकड़ों में अधिक पारदर्शिता की गुंजाइश पर भी सवाल उठाए। उन्होंने ताजा GDP आंकड़ों में किए गए बदलावों की ओर इशारा किया, जिनमें औद्योगिक उत्पादन का एक नया सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक की एक नई श्रृंखला शामिल है। उन्होंने कहा कि IMF भारत द्वारा अपने व्यापक आर्थिक आंकड़ों के आधुनिकीकरण के प्रयासों का स्वागत करता है और अधिकारियों को देश के सांख्यिकीय ढांचे और आंकड़ों की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित करता है। बता दें, IMF की यह प्रतिक्रिया नवीनतम जीडीपी आंकड़ों पर उठाए गए सवालों के मद्देनजर आई है।
Also read: BRICS समिट से पहले हाई सिक्योरिटी जोन बनी दिल्ली, 15,000 पुलिस कर्मी और पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां तैनात; VVIP रूट्स पर विशेष निगरानी
भारत की GDP पर उठाए गए सवाल
पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने अप्रैल-जून तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया था कि पिछले वर्ष की चालू जीडीपी को 86 लाख करोड़ रुपये से संशोधित करके 80 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। उन्होंने कहा था कि संशोधन के बिना, मौजूदा कीमतों पर वृद्धि लगभग 2.6 प्रतिशत होती, जिससे भारत की GDP गणनाओं पर बहस और तेज हो गई।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून अवधि को कवर करते हुए वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी 81.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था, जबकि वित्त वर्ष 2026 की इसी तिमाही में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये थी। IMF ने भारत के व्यापक आर्थिक प्रदर्शन का सकारात्मक आकलन करते हुए कहा कि नवीनतम विकास परिणाम दर्शाते हैं कि ऊर्जा कीमतों में आए झटके के बावजूद अर्थव्यवस्था लचीली बनी रही।