Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 11 सितंबर को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 740 अंक यानी 1 फीसदी टूटकर 74,160 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 में भी करीब 250 अंकों की गिरावट दर्ज हुई और यह 23,231 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
निवेशकों को हुआ भारी नुकसान
बाजार में बिकवाली का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 1.5 फीसदी तक की गिरावट आई। कारोबार शुरू होने के महज पांच मिनट के भीतर निवेशकों की संपत्ति में करीब 6 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 484 लाख करोड़ रुपये से घटकर लगभग 478 लाख करोड़ रुपये रह गया।
क्या है इस गिरावट की वजह?
शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह वैश्विक बाजारों में कमजोरी मानी जा रही है। अमेरिका में महंगाई से जुड़े आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में डाउ जोंस और एसएंडपी 500 करीब 0.6 फीसदी टूटे, जबकि नैस्डैक में करीब 0.65 फीसदी की गिरावट रही। एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। जापान के निक्केई, दक्षिण कोरिया के कोस्पी और ताइवान के बाजार में करीब 3 फीसदी तक की गिरावट आई।
कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी
विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय बाजार के लिए बड़ा झटका है। ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। महंगा कच्चा तेल भारत की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की कमाई पर असर डाल सकता है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने भी वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ाई है। अमेरिकी 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.98 फीसदी तक पहुंच गई है और अब 5 फीसदी के करीब है। इससे निवेशकों के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ी है।
रुपये में भी आई गिरावट
अमेरिका-ईरान तनाव भी बाजार की चिंता बढ़ा रहा है। वहीं, भारत में आईपीओ बाजार में बढ़ता निवेश, अमेरिकी फेड की अगली बैठक से पहले ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और रुपये में कमजोरी भी बाजार पर दबाव डाल रही है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 27 पैसे गिरकर 95.79 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कुल मिलाकर वैश्विक कमजोरी, महंगा कच्चा तेल, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और रुपये की गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली को बढ़ावा दिया।
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