
Cyclone Ditwah: बंगाल की खाड़ी में उठा साइक्लोन दित्वा श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद अब भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। श्रीलंका में इस चक्रवात के कारण बाढ़ और भूस्खलन से 150से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200से ज्यादा लापता हैं। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पूरे देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है, ताकि राहत कार्यों को तेज किया जा सके। भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी है, जहां भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
श्रीलंका में साइक्लोन दित्वा की तबाही
साइक्लोन दित्वाह ने शुक्रवार को श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया। भारी बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन ने बदुल्ला, कुरुनेगला, अनुराधापुरा और कोलंबो के उपनगरीय इलाकों में कहर बरपाया। यहां 20,000से ज्यादा घर तबाह हो गए, जबकि 78,000से ज्यादा लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं। कुरुनेगला में एक वृद्धाश्रम में 11बुजुर्गों की मौत हो गई, जबकि अनुराधापुरा में 69यात्री फंस गए थे, जिनमें एक जर्मन पर्यटक भी शामिल था। आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, मरने वालों की संख्या 159तक पहुंच सकती है, क्योंकि दूरदराज के इलाकों से जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में 300मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे नदियां उफान पर हैं। तो वहीं, सरकार ने सेना, नौसेना और वायुसेना की हजारों टुकड़ियों को राहत कार्यों में लगाया है। स्कूल, कार्यालय बंद हैं, ट्रेन सेवाएं स्थगित हैं और स्टॉक एक्सचेंज ने व्यापार रोक दिया। अंतरराष्ट्रीय सहायता के तहत भारत ने दो विमान और एक नौसेना जहाज से राहत सामग्री भेजी है, जिसमें टेंट, कंबल और भोजन शामिल हैं। अमेरिका ने 2मिलियन डॉलर और मालदीव ने 50,000डॉलर की मदद दी है।
भारत का ऑपरेशन सागर बंधु
श्रीलंका में आए चक्रवात भारत ने राहत प्रयासों में तेजी लाने के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया गया। जिसके लिए हिंडन एयरबेस से एक सी-130और एक आईएल-76विमान भेजे गए, जिनके माध्यम से 21टन राहत सामग्री, 80से ज्यादा एनडीआरएफ कर्मी और आठ टन उपकरण श्रीलंका भेजे गए। इसके अलावा जरूरतमंद समुदायों के लिए आवश्यक राशन और जरूरी सामान पहुंचाया गया।
भारत की ओर बढ़ रहा साइक्लोन
साइक्लोन दित्वा अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 5-10किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है और रविवार तक उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह वेदारण्यम और कराईकल के पास लैंडफॉल कर सकता है, जहां हवाओं की गति 50-70किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। चेन्नई से 250किमी दक्षिण में स्थित यह चक्रवात भारी बारिश, तेज हवाएं और ऊंची लहरें ला सकता है, जिससे शहरी बाढ़, पेड़ उखड़ने और फसलों को नुकसान हो सकता है।
सरकार ने खतरे को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। तमिलनाडु में कडलूर, मयिलाडुथुराई, विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू में रेड अलर्ट है, जहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, चित्तूर, तिरुपति और अन्नामय्या जिलों में भी रेड अलर्ट जारी है। स्कूल-कॉलेज बंद हैं, जिसमें थंजावुर, अरियालुर, पेरंबलुर, पुडुकोट्टाई, नागपट्टिनम, तिरुवारुर, मयिलाडुथुराई, त्रिची और पुडुचेरी शामिल हैं। चेन्नई एयरपोर्ट पर 47 उड़ानें रद्द की गईं।
Leave a comment