
Naxalite Surrender In Dantewada: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक साथ 37 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। इनमें 12 महिला नक्सली भी शामिल हैं। सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर 65 लाख का इनाम रखा गया था। उन्हें डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूद में आत्मसमर्पण कराया गया।
इस बड़े सरेंडर के पीछे डीआरजी, बस्तक फाइटर्स, विशेष आसूचन, 111वीं-230वीं सीआरपीएफ वाहिनी और आरएफटी जगदलपुर की संयुक्त रणनीति रही। जिसने महीनों की निगरानी, ग्राउंड इंटेलिजेंस और लगातार दबाव बनाकर इन नक्सलियों को हथियार डालकर मुख्य धारा में लौटने पर मजबूर कर दिया। इस सूची में 5 लाख, 2 लाख और 1 लाख के इनामी नक्सलियों की लंबी लिस्ट है। जिनके कंधों पर एरिया कमेटी, मिलिशिया, जनताना सरकार से लेकर पोस्टर, आईईडी लगाने तक की जिम्मेदारियां थी।
सभी को दी जाएगी सहायता राशि
सरेंडर करने वाले माओवादियों को सरकार पुनर्वास नीति के तहत 50 हजार रुपए की तत्काल सहायता राशि देगी। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग,कृषि भूमि और सामाजिक पुनर्वास जैसी सुविधाए भी सुनिश्चित की जा रही है। यह पहल न केवल हथियार छोड़ने की प्रेरणा देती है बल्कि जीवन के नए रास्ते भी खोलती है। 8-8 लाख के इनामी कुमली, गीता, भीमा उर्फ जहाज बड़ी-बड़ी मुठेभेड़ों का हिस्सा रहे हैं। भीमा साल 2020 के उस हमले में शामिल था, जिसमें 26 जवान शहीद हुए थे। उन सभी के हथियार लूट लिए गए थे।
धड़ल्ले के नक्सली कर रहे सरेंडर
यह उस लोन वर्राटू अभियान का परिणाम है, जिसने नक्सली संगठन की पकड़ को जड़ से हिलाकर रख दिया है। अब तक 333इनामी समेत 1160माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। जिनमें 916 और 244 महिला नक्सली शामिल हैं। सरकार का संदेश साफ है कि जंगलों में छिपे बाकी माओवादी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आ जाएं। पुलिस की रिपोर्ट बताती है कि बीते 20 महीनों में दंतेवाड़ा में 165 इनामी समेत 508 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
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