
Hormuz Strait Security: ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के बीच विश्व स्तर पर एक नया मोर्चा खुल गया है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले, माइन्स बिछाने और तेल-गैस सुविधाओं पर हमलों के बाद दुनिया के प्रमुख शक्तिशाली देश एकजुट हो गए हैं। 19मार्च 2026को ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित जहाजरानी सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों में योगदान देने की तैयारी जता दी है।
बयान में क्या कहा गया?
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान के नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा 'हम ईरान द्वारा निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों पर हालिया हमलों, नागरिक बुनियादी ढांचे (तेल और गैस सुविधाओं) पर हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को фактически बंद करने की कार्रवाई की सबसे मजबूत शब्दों में निंदा करते हैं। हम ईरान से तुरंत अपनी धमकियां, माइन्स बिछाना, ड्रोन-मिसाइल हमले और जहाजरानी को रोकने की हर कोशिश बंद करने की मांग करते हैं।' बयान में आगे कहा गया कि ये देश होर्मुज में सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल होने को तैयार हैं। साथ ही, वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए भी कदम उठाएंगे।
क्यों उठा यह कदम?
दरअसल, फरवरी 2026के अंत में शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (जिससे दुनिया का करीब 20%तेल और गैस गुजरता है) को प्रभावी रूप से बंद कर दिया। इससे वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति ठप हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कई देशों से नौसैनिक गठबंधन बनाने की अपील की थी, लेकिन यूरोपीय देश और जापान ने सक्रिय युद्ध के दौरान युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया था। अब ये छह देश शांति बहाली के बाद या “उचित परिस्थितियों” में सहयोग करने का संकेत दे रहे हैं।
वहीं, अब होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत, यूरोप, जापान और एशिया के कई देशों पर सीधा असर पड़ा है। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इन छह देशों का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े खिलाड़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने वाला है। हालांकि, अभी कोई सैन्य गठबंधन या युद्धपोत तैनाती की घोषणा नहीं हुई है।
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