
US Reaction to India-EU Deal:भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा के बाद से अमेरिका की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि यूरोप भारत से रिफाइंड तेल उत्पाद खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए फंडिंग कर रहा है, जो यूरोप के खुद के खिलाफ है। बेसेंट का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-EU ने FTA को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' का नाम दिया गया है।
अमेरिका की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में कहा 'हमने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है। अनुमान लगाइए कि पिछले हफ्ते क्या हुआ? यूरोपियनों ने भारत के साथ व्यापार समझौता साइन किया।' उन्होंने आगे कहा 'रूसी तेल भारत जाता है, रिफाइंड उत्पाद बाहर आते हैं, और यूरोपीय उन्हें खरीदते हैं। वे खुद अपने खिलाफ युद्ध को फंड कर रहे हैं।'
यह आरोप रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में है, जहां अमेरिका का दावा है कि भारत सस्ते रूसी कच्चे तेल को खरीदकर रिफाइन करता है और यूरोप को बेचता है, जिससे रूस को अप्रत्यक्ष फंडिंग मिलती है। युद्ध शुरू होने के बाद भारत के रूसी तेल आयात 2-3 प्रतिशत से बढ़कर 18-19 प्रतिशत हो गए। ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल 2025 में 25 प्रतिशत शुल्क लगाया, जिसे अगस्त 2025 में दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया।
भारत-EU के बीच समझौते
बता दें, भारत और EU के बीच FTA पर बातचीत साल 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन किसी कारण की वजह से 2013 में रुक गई। इसके बाद 2022 में एक बार फिर से बातचीच शुरू हुई, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बीते दिन 26 जनवरी को नई दिल्ली में कानूनी जांच पूरी हुई। जिसके बाद यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की भारत यात्रा के दौरान इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसा कहा जा रहा है कि इस समझौते से दोनों पक्षों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा
इस समझौते के तहत भारत EU से आने वाली कारों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती पर विचार कर रहा है। वर्तमान में 110 प्रतिशत तक का शुल्क लगाया जाता है, जिसे 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, जिससे हाई-वैल्यू वाहनों पर तत्काल कटौती लागू हो सकती है। इससे वोक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और BMW जैसी यूरोपीय कंपनियों को भारतीय बाजार में आसानी होगी। इसके अलावा कपड़े और गहने जैसे भारतीय निर्यातों को बढ़ावा मिलेगा, जो अमेरिकी शुल्कों से प्रभावित हो रहे हैं।
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