वैश्विक मंच पर भारत की मल्टीपोलर डिप्लोमेसी जारी, एक साथ अमेरिका, यूरोप और रूस को साध रहे ये डिप्लोमैट्स

वैश्विक मंच पर भारत की मल्टीपोलर डिप्लोमेसी जारी, एक साथ अमेरिका, यूरोप और रूस को साध रहे ये डिप्लोमैट्स

Indian Diplomacy: दुनियाभर में इस समय भारी उथल-पुथल मची हुई है। रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति से वैश्विक तनाव बढ़ा है। ऐसे में सभी देश अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। भारत ने इस चुनौतीपूर्ण समय में संतुलित रुख अपनाते हुए अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है।

बता दें कि, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस समय ब्रिटेन और आयरलैंड के दौरे पर हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका में व्यापार वार्ता में व्यस्त हैं। इसके अलावा, विदेश सचिव विक्रम मिस्री आज से दो दिवसीय रूस दौरे पर हैं। वे भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय बैठक में भाग लेंगे। इस दौरान दोनों देशों के संबंधों की समीक्षा होगी और वह रूस के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं।

भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर विशेष ध्यान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज व्हाइट हाउस में क्रिप्टो सेक्टर पर एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। हाल ही में ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने की घोषणा के बाद केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अचानक अमेरिका का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य टैरिफ विवाद को सुलझाना और भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

ट्रंप की टैरिफ नीति से भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों पर असर न पड़े, इसके लिए भारत ने सक्रिय कदम उठाए हैं। पीयूष गोयल के अमेरिका दौरे के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ब्रिटेन और आयरलैंड पहुंचे। वहां उन्होंने कई अहम बैठकों में हिस्सा लिया और भारत की विदेश नीति पर खुलकर चर्चा की। अब इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री रूस पहुंचे हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की रणनीति

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ऐसे समय में रूस पहुंचे हैं जब रूस-यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच भारत अपनी "मल्टीपोलर डिप्लोमेसी" की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। भारत संतुलन बनाए रखते हुए विभिन्न देशों के साथ अपने कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध मजबूत कर रहा है।

भारत का यह रुख साफ दिखाता है कि वह न केवल वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका निभा रहा है, बल्कि व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती से आगे बढ़ा रहा है।

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