US-Iran Conflict:अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। ट्रंप ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई का संकेत देने के साथ ही एक बड़े समझौते की उम्मीद भी जताई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका रविवार को ईरान पर हमला करेगा या दोनों देशों के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकलेगा?
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने रविवार को हमले की संभावना से इनकार नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने समझौते का विकल्प भी खुला रखा है। फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की ओर से किसी बड़े हमले की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है ट्रंप की ‘ब्यूटीफुल डील’?
ट्रंप ईरान के साथ ऐसा समझौता चाहते हैं, जिससे अमेरिका की सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान हो सके। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और पश्चिम एशिया में सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतभेद रहे हैं।
अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो सैन्य टकराव टल सकता है। हालांकि, समझौते की शर्तों और उसकी संभावनाओं को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
भारत पर क्या होगा असर?
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहेगी।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने पर देश में पेट्रोल-डीजल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण चिंता होगी।
क्या आज होगा बड़ा फैसला?
फिलहाल सैन्य कार्रवाई और समझौता, दोनों संभावनाएं बनी हुई हैं। अगर बातचीत आगे बढ़ती है, तो तनाव कम हो सकता है। वहीं, समझौता नहीं होने पर हालात बिगड़ने की आशंका बनी रहेगी।
हालांकि, ट्रंप के अगले कदम को लेकर अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि अमेरिका निश्चित रूप से हमला करेगा या दोनों देशों के बीच समझौता हो जाएगा। दुनिया की नजरें अब ट्रंप के अगले बयान और अमेरिकी प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं।
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