Germany News: जर्मनी के उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया राज्य के बोचम शहर में आग लगने की दर्दनाक घटना में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जो जर्मनी में पढ़ाई कर रहे थे। बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को इस घटना की जानकारी देते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। दूतावास के मुताबिक, वह फ्रैंकफर्ट स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, जर्मन अधिकारी आग लगने की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना में जान गंवाने वाली दोनों महिलाओं की उम्र 25 और 27 वर्ष थी, जबकि मृतक पुरुष की उम्र 26 वर्ष बताई गई है। तीनों भारतीय नागरिक थे और जर्मनी में शिक्षा हासिल कर रहे थे। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है और प्रभावित परिवारों को आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की बात कही है। फिलहाल मृतकों के परिवारों को सहायता देने और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम जारी है।
अपार्टमेंट में रहने वाला 41 वर्षीय व्यक्ति गिरफ्तार
अनादोलू समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मन पुलिस ने इस मामले में अपार्टमेंट भवन में रहने वाले 41 वर्षीय व्यक्ति को अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया है। पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए व्यापक जांच की गई। इसमें अग्निशमन विशेषज्ञों की मदद भी ली गई। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी को आग लगने का कारण नहीं पाया गया, जिसके बाद जांचकर्ताओं का संदेह उक्त निवासी पर गया। हत्या आयोग के अधिकारियों ने संदिग्ध से पूछताछ की है और बोचम अभियोजक कार्यालय के निर्देश पर आगे की जांच जारी है। हालांकि, मामले में जांच पूरी होने तक संदिग्ध की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
आग लगने से पहले भी पुलिस पहुंची थी इमारत में
जर्मनी के सार्वजनिक प्रसारक एनडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, आग लगने से एक दिन पहले रविवार को एक विवाद के संबंध में पुलिस को इसी इमारत में बुलाया गया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पुलिस पहले भी इस संपत्ति पर अलग-अलग घटनाओं के सिलसिले में पहुंच चुकी थी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पिछली घटनाओं और आग लगने की मौजूदा घटना के बीच कोई संबंध सामने नहीं आया है। जर्मन अधिकारी अब आग लगने की परिस्थितियों और इससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।