Human Body Heat Tolerance: देश के कई हिस्सों में गर्मी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इतनी ज्यादा गर्मी इंसान के शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। खासकर जब गर्मी के साथ उमस भी हो, तब हीट स्ट्रोक और मौत का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इंसान के शरीर का सामान्य अंदरूनी तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है। शरीर पसीना और सांस के जरिए खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है। लेकिन जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर का यह सिस्टम काम करना बंद करने लगता है।
क्या कहता है शोध?
शोध में “वेट बल्ब टेम्प्रेचर” को सबसे अहम माना गया है। यह तापमान और हवा में नमी दोनों को मापता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि 30 से 35 डिग्री वेट बल्ब टेम्प्रेचर पर शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता। ऐसे में कुछ घंटों के भीतर ही हीट स्ट्रोक हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तब हीट स्ट्रोक की स्थिति बनती है। इसमें तेज बुखार, चक्कर, उल्टी, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत और दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो किडनी, दिल और दिमाग को स्थायी नुकसान हो सकता है।
विशेषज्ञों ने दी सलाह
विशेषज्ञों ने बताया कि बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज और हृदय रोग से पीड़ित लोग सबसे ज्यादा खतरे में रहते हैं। मजदूर, किसान और बाहर काम करने वाले लोगों को भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्मी से बचने के लिए डॉक्टरों ने दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी है। ज्यादा पानी, नींबू पानी, ORS और छाछ पीने को कहा गया है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और ठंडी जगह पर रहना भी जरूरी बताया गया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण आने वाले वर्षों में ऐसी भीषण गर्मी के मामले और बढ़ सकते हैं। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और समय पर बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।