
Navratri Day 6: नवरात्रि के छठवें दिन नवदुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी को महिषासुरमर्दिनी के नाम से भी जाना जाता है। यही नहीं मां कात्यायनी आंतरिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करने वाली जगत की जननी मानी जाती हैं। कैसे पड़ा मां का कात्यायनी नाम और मां के इस रूप का रहस्य क्या है?
मां कात्यायनी नवदुर्गा का छठवां स्वरूप। मां का ये रूप अद्भुत तरंगों से सराबोर आज्ञा चक्र की ऊर्जा हैं। आज्ञा चक्र शरीर में शक्ति केंद्र का छठवां मूल चक्र होती है। माता कात्यायनी का संबंध बृहस्पति ग्रह से हैं और आशिंक रूप से शुक्र ग्रह से भी है।शेर पर सवार मां कात्यायनी की चार भुजाएं हैं, इनके बायें हाथ में कमल और तलवार व दाहिनें हाथों में स्वास्तिक व आशीर्वाद की मुद्रा अंकित है।मां कात्यायनी ने महिषासुर नाम के असुर का वध किया था। जिस वजह से मां कात्यायनी को दानवों, असुरों और पापियों का नाश करने वाली देवी कहा जाता है। पूजा करने के लिए मां का मंत्र होता है
चंद्रहासोज्ज्वलकरा, शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्यात्, देवी दानवघातनी।।
अर्थात् चंद्रहास कीतरह देदीप्यमान, शार्दूल अर्थात् शेर पर सवार और दानवों का विनाश करने वाली मां कात्यायनी हम सबके लिए शुभदायी हो।
क्यों पड़ा मां का नाम कात्यायनी
देवी पुराण में कहा गया है कि कात्यायन ऋषि के घर उनकी बेटी के रुप में जन्म लेने के वजह से ही मां दुर्गा के इस स्वरुप का नाम कात्यायनी पड़ा। विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती पराम्बा की उपासना की कठिन तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो। फिर मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। बाद में महिषासुर के अत्याचारों से जब संसार संकट में था, तब देवी कात्यायनी ने उसका वध कर दिया। भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए भी ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा की थी। यह पूजा कालिंदी यमुना के तट पर की गई थी इसीलिए ये ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनका स्वरूप अत्यंत भव्य और दिव्य है। इनका गुण शोधकार्य है। इसीलिए इस वैज्ञानिक युग कात्यायनी का महत्व सर्वाधिक हो जाता है। माता रानी वैद्यनाथ नाम के स्थान पर प्रकट होकर पूजी गई।
मां का प्रिय भोग
नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा करने के लिए सुबह स्नान के बाद लाल या पीले रंग का कपड़े धारण करना चाहिए और गंगाजल से पूजास्थल को शुद्ध करना चाहिए।
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