MSP गारंटी, लखीमपुर खीरी हत्या मामला...किसान संगठन इन मांगों को लेकर कर रहे हैं दिल्ली कूच

MSP गारंटी, लखीमपुर खीरी हत्या मामला...किसान संगठन इन मांगों को लेकर कर रहे हैं दिल्ली कूच

Farmers Protest: आज पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसान एक बार फिर दिल्ली कूच करने करने वाले हैं। इस आंदोलन में किसान बिना ट्रैक्टर-ट्रॉली के रवाना होंगे। बता दें, इस आंदोलन को किसानों ने ‘दिल्ली चलो’  का नाम दिया है। शंभू बॉर्डर पर किसान पिछल 8 महीनों से यानी 13 फरवरी 2024 से आंदोलन कर रहे है। बताया जा रहा है कि आज किसान करीब 1 बजे पैदल ही दिल्ली की तरफ बढ़ेंगे।

प्रदर्शन को देखते हुए हरियाणा के अंबाला (शंभू बॉर्डर) में पुलिस-प्रशासन का सख्त पहरा है। इसके अलावा प्रशासन ने अंबाला के सभी निजी और प्राइवेट स्कूलों को बंद कर दिया है। वहीं, शंभू बॉर्डर के आसपास इलाकों में धारा 144 को लागू कर दिया गया है। लेकिन क्या आप जानते है कि आखिर किसान किन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है? आखिर ऐसी क्या वजह है जिस कारण किसान बिना ट्रैक्टर-ट्रॉली के ही रवाना हो रहे है?

आखिर क्या है किसानों की मांगे?

बता दें, 13 फरवरी 2024 से किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है। इस बार किसान अपनी 12 मांगों को लेकर दिल्ली मार्च कर रहे हैं। इसमें से पहली मांग MSP गारंटी को लेकर है। किसानों का कहना है कि डॉ. स्वामीनाथन आयोग के निर्देश पर सभी फसलों की खरीद पर MSP गारंटी अधिनियम बनाया जाए।

यानी इसकी कीमतें C2+50% फॉर्मूले के अनुसार तय की जाएं। इसके अलावा गन्ने का एफआरपी और एसएपी स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार दिया जाना चाहिएष जिससे यह हल्दी सहित सभी मसालों की खरीद के लिए एक राष्ट्रीय प्राधिकरण बन जाए।

इसके साथ ही पिछले दिल्ली आंदोलन की मांगें जो अभी तक पूरी नहीं हुई है, उन्हें पूरा करें। पिछले आंदोलन के समझौते के मुताबिक घायलों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इस दौरान जान गंवाने वाले किसानों और मजदूरों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी दी जाए।

वहीं, दिल्ली मोर्चा सहित देश भर में सभी आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज मामले/मुकदमें रद्द किए जाएं। इसके अलावा किसान चाहते है कि लखीमपुर खीरी हत्या मामले में न्याय हो। सभी आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। इसके साथ दिल्ली (सिंघु बॉर्डर) में किसान मोर्चा के शहादत स्मारक के लिए जगह दी जाए।

वहीं, कृषि क्षेत्र को प्रदूषण कानून से बाहर रखा जाना चाहिए। कृषि वस्तुओं, दूध उत्पादों, फलों, सब्जियों और मांस आदि पर आयात शुल्क कम करने के लिए भत्ता बढ़ाना चाहिए। भारत को WTO से बाहर आना चाहिए। इसके साथ प्राथमिकता के आधार पर भारतीय किसानों की फसलों की खरीद की जाए।  

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