क्या है व्हाइट फॉस्फोरस, शरीर के संपर्क में आते ही गलने लगाता है मांस; इजरायल पर इस्तेमाल का आरोप

क्या है व्हाइट फॉस्फोरस, शरीर के संपर्क में आते ही गलने लगाता है मांस; इजरायल पर इस्तेमाल का आरोप

Israel Attack On Lebanon:अमेरिकी और इजरायल एक साथ ईरान पर हमला कर रहा है। अब इसमें घातक हथियारों के इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। ह्यूमन राइट्स वॉन ने कहा कि लेबनानी गांव पर फॉस्फोरस गिराया गया है। ह्यूमन राइट्स ने तस्वीरे के जरिए इसका दावा किया है।

इसमें यह सामने आया है कि इजरायल ने लेबनानी गांव योहमोर में फॉस्फोरस आर्टिलिरी का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि कैमिकल का असर कितने गांवों में हुआ है। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब कुछ दिन पहले ही इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कई गांवों को खाली करने को कहा गया।  

चेतावनी जारी की गई

ह्यूमन राइट्स वॉच ने इसको लेकर चेतावनी भी दी है। जिसमें कहा गया है कि आबादी वाले क्षेत्रों में सफेद फॉस्फोरस का उपयोग करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। वजह से इससे इमारतों में आग सकती और हड्डियोों तक गंभीर जलन पैदा कर सकता है और इससे संक्रमण और ऑर्गन या फेफड़े फेल हो जाने जैसी समस्याएं होने का खतरा है। ह्यूमन राइटस के शोधकर्ता रामजी कैस ने कहा कि यह हमला चिंताजनक है। फिलहाल इजरायल की तरफ से इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। हालांकि, इजरायल ने पहले दावा किया था कि सफेद फॉस्फोरस धुआं स्क्रीन के लिए प्रयोग किया जाता है। 

इजरायल ने दी चेतावनी                                    

बता दें कि पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच ईरान के तेल भंडारण ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि बड़े कमद उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि उनका लक्ष्य ईरान में शासन को अस्थिर करना और परिवर्तन करना है। हालांकि, तेल भंडारण पर हमलों के लिए अमेरिका ने इजरायल से आपत्ति जताई है।   इजरायल की सेना ने पुष्टी की कि उसने तेहरान में ईंधन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया है।

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