
Vice-President Jagdeep Dhankhar: विपक्षी पार्टियां उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को उनके पद से हटाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। इसके लिए विपक्षी पार्टियों ने एक प्रस्ताव लाने का भी फैसला किया है। इंडिया अलायन्स और दूसरी विपक्षी दल राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कथित पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर काफी ज्यादा नाराज है। हालांकि 9 अगस्त को विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ गया था। ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि जब संसद नहीं चल रही तो प्रस्ताव किस तरीके से लाया जाएगा।
बता दें कि जगदीप धनखड़ मामले के बाद यही सवाल उठ रहा है कि क्या राज्यसभा के सभापति को हटाया जा सकता है? यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि सभापति भारत के उपराष्ट्रपति भी होते है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता के मुताबिक सभापति को राज्यसभा में प्रस्ताव के जरिए हटाया जा सकता है। इसके लिए 14 दिन पहले लिखित नोटिर देना जूरूरी होता है। उसके बाद राज्यसभा में उपस्थित सदस्यों के बहुमत से उपराट्रपति को पद से हटाया जा सकता है। यह प्रस्ताव एक सामान्य प्रस्ताव होता है और इसे राज्यसभा के 50 सदस्यों के हस्ताक्षर से सचिवालय को भेजा जाता है।
उपराष्ट्रपति से क्यों नाराज है विपक्ष
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ प्रस्ताव लाने के पीछे विपक्ष का सबसे बड़ा तर्क है कि वह राज्यसभा में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे है. आरोप है कि उनके इशारे पर नेता विपक्ष का माइक्रोफोन बार-बार बंद कर दिया जाता है। संसदीय नियम-कायदों का पालन नहीं किया जा रहा है और विपक्षी सांसदों पर व्यक्ति टिप्पणी की जा रही है। एक दिन पहले ही जगदीप धनखड़ और इंडिया ब्लॉक के नेताओं के बीच काफी नोंकझोंक हुई थी।
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