
IMD Alert For Rain: देश के कई हिस्सों में मॉनसूनी बारिश ने तबाही मचा दी है। हिमाचल प्रदेश में 20 जून से शुरू हुए मॉनसून ने बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन के कारण 43 लोगों की जान ले ली, जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 17 मौतें हुईं, जहां बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। राज्य को अब तक 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उत्तराखंड के भीमताल में उफनती झील में वायुसेना के दो कर्मी डूब गए। मौसम विभाग ने हिमाचल में शनिवार से मंगलवार तक भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में जल प्रलय
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। मंडला, सिवनी और बालाघाट के लिए 'रेड अलर्ट' जारी है, जहां 21 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना है। जबलपुर-मंडला को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन से यातायात ठप हो गया। राजस्थान में भी मॉनसून की तेज बारिश जारी है। पोकरण में पिछले 24 घंटों में 128 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोटा, अजमेर, जयपुर और उदयपुर में अगले 4-5 दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है, जबकि जोधपुर और बीकानेर में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत में जलभराव की समस्या
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में जलभराव ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। लक्ष्मीसागर और बडागड़ा जैसे निचले इलाकों में पानी निकासी के लिए भुवनेश्वर नगर निगम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है। हालांकि, पूर्वोत्तर में त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और असम की बराक घाटी में ट्रेन सेवाएं बहाल हो गई हैं, जो भूस्खलन के कारण बाधित थीं।
IMD के अनुमानों की माने तो सावधानी जरूरी हैं
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून ट्रफ सामान्य स्थिति में है। पूर्वी मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, हिमाचल, उत्तराखंड और राजस्थान में 5 से 10 जुलाई तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश होगी। महाराष्ट्र के घाटी क्षेत्रों में 6-7 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है। बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका भी है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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