
Hyderabad VISA Temple: आपने अक्सर ये सुना होगा कि विदेश जाने के लिए वीजा की जरूरत होती है। विदेश में जाकर नौकरी करनी हो या पढ़ाई बगैर वीजा आप नहीं जा सकते। कई बार वीजा अप्रूव नहीं होने के कारण विदेश जाने का सपना-सपना ही रह जाता है। लेकिन अगर आपसे कोई कह दे कि भारत में एक ऐसा भी मंदिर है जहां वीजा अप्रूव हो जाता है, तो क्या कहेंगे आप
दरअसल, हैदराबाद के चिलकुर बालाजी मंदिर के दर्शन करने श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। उस्मान झील और विकारावाद रोड के पास स्थिति यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को पवित्र धाम माना जाता है। इस मंदिर को वीजा मंदिर भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो कोई भा इस मंदर में भगवान का दर्शन करने आता है, उनकी वीजा संबंधी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
क्या है मंदिर से जुड़ी कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, इस मंदिर की कहानी 16वीं ये 17वीं शताब्दी से शुरू होती है। कहा जाता है कि भगवान तिरुपति बालाजी का सच्चा भक्त था। लेकिन एक बार वह बीमार पड़ गया है और मंदिर पूजा करने नहीं गया। अपने भक्त का ये हाल देखकर तिरुपति बालाजी को दया आई और वो उसी क्षण उसे दर्शन दे दिए। बताया जाता है कि जिस जगह भगवान ने अपने भक्त को दर्शन दिए थे। चिलकुर बालाजी मंदिर उसी स्थान पर बना है।
भक्त करते हैं परिक्रमा
ऐसी मान्यताएं हैं कि यहां आकर भगवान के दर्शन करने से वीजा संबंधी परेशानी खत्म हो जाती हैं। कई लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें वीजा मिलने में दिक्कत हो रही थी लेकिन मंदिर में आकर जब उन्होंने प्रार्थन की, तो उनके वीजा अप्रूव कर दिया गया। तभी से इस मंदिर को वीदा मंदिर के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी भक्त वीजा संबंधी मनोकामना के लिए आता है, वो मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर परिक्रम करता है। भक्त अपने हाथ में कागज और कलम रखते हैं। जब मनोकामना पूरी हो जाती है, तो भक्त दोबारा आकर 108 बार परिक्रम करते हैं।
Leave a comment