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हिमाचल में खर्च पर सख्ती...सीएम सुक्खू का बड़ा फैसला, मंत्रियों-विधायकों की सैलरी 6 महीने टली

हिमाचल में खर्च पर सख्ती...सीएम सुक्खू का बड़ा फैसला, मंत्रियों-विधायकों की सैलरी 6 महीने टली

Himachal Pradesh News: हिमाचल में  सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी अगले छह महीने के लिए टाल दी जाएगी। सीएम सुक्खू ने यह ऐलान विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते समय किया। सरकार ने कुल बजट में भी बड़ी कटौती की है। 2025-26 में जहां बजट 58,514 करोड़ रुपये था, वहीं 2026-27 के लिए इसे घटाकर 54,928 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी करीब 3,586 करोड़ रुपये की कमी की गई है।

खर्च पर नियंत्रण जरूरी- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने के कारण राज्य को गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में खर्च पर नियंत्रण जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि हम चुनाव के लिए नहीं, बल्कि राज्य और जनता के लिए काम कर रहे हैं। मैं सभी से छह महीने तक सहयोग की अपील करता हूं। हमारा लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है।

मंत्रियों-विधायकों की सैलरी टली

सरकार के फैसले के मुताबिक, मुख्यमंत्री अपनी सैलरी का 50% और मंत्री 30% सैलरी छह महीने तक नहीं लेंगे। विधायकों की 20% सैलरी भी इस अवधि में रोकी जाएगी। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों- जैसे मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सचिव और डीजीपी रैंक के अफसरों—की सैलरी में 30% की कटौती होगी। अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी में 20% तक की कटौती की जाएगी।

ग्रुप-डी कर्मचारियों पर भी होगा असर

पुलिस विभाग में भी यह असर दिखेगा। एडीजीपी से लेकर डीआईजी रैंक तक के अधिकारियों की 30% सैलरी रोकी जाएगी, जबकि एसपी स्तर के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की 20% सैलरी टाली जाएगी। इसके अलावा कर्मचारियों की 3% वेतन वृद्धि भी छह महीने के लिए टाल दी गई है। इस दौरान ग्रुप-डी कर्मचारियों को भी यह बढ़ोतरी नहीं मिलेगी।

सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह न्यायपालिका से भी इसी तरह के स्वैच्छिक कदम उठाने की अपील कर सकती है। यह फैसला राज्य की आर्थिक स्थिति को संभालने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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