ENG vs IND ODI: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इंग्लैंड के खिलाफ 14 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में वापसी करने जा रहे हैं। इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के बाद यह उनका पहला मुकाबला होगा। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में चोट के कारण वह नहीं खेल पाए थे। अब फिट होकर कोहली टीम के साथ जुड़ चुके हैं और पहले वनडे से पहले तैयारियों में जुटे हुए हैं।
प्रैक्टिस के दौरान शुभमन गिल को दिए अहम सुझाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बर्मिंघम में शनिवार को हुए भारतीय टीम के अभ्यास सत्र के दौरान विराट कोहली करीब 30 मिनट तक कप्तान शुभमन गिल के साथ बातचीत करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने गिल को बल्लेबाजी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बताया गया कि कोहली ने इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ शॉट चयन, मैच रणनीति और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने के तरीके समझाए। उन्होंने नेट्स में कई तरह के शॉट खेलकर भी गिल को अपनी तकनीक दिखाई, ताकि युवा कप्तान अंग्रेजी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
इंग्लैंड में शानदार रहा है विराट का रिकॉर्ड
विराट कोहली का इंग्लैंड में वनडे क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर 33 वनडे मैच खेले हैं, जो भारत के बाहर किसी भी देश में उनके सबसे ज्यादा वनडे मुकाबले हैं। इन मैचों में कोहली ने 51.88 की शानदार औसत से 1,349 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और 12 अर्धशतक निकले हैं। इसके अलावा वह वनडे क्रिकेट में 16,000 रन पूरे करने से करीब 200 रन दूर हैं।
इंग्लैंड में कप्तान के तौर पर गिल की पहली वनडे सीरीज
शुभमन गिल के लिए यह इंग्लैंड में पहली वनडे सीरीज होगी। कप्तान बनने के बाद भी यह उनकी पहली विदेशी वनडे सीरीज है। उन्होंने अब तक इंग्लैंड के खिलाफ चार वनडे मैच खेले हैं, हालांकि ये सभी भारत में हुए थे।इन मुकाबलों में गिल ने 67 की औसत से 268 रन बनाए हैं, जिसमें तीन बार 50 से ज्यादा रन की पारियां शामिल हैं। पिछली बार इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 102 गेंदों में शानदार 112 रन की शतकीय पारी खेली थी।
नेट्स में खिलाड़ियों ने बहाया पसीना
शनिवार के अभ्यास सत्र में रोहित शर्मा ने भी नेट्स में जमकर बल्लेबाजी की। वहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और गुरनूर बराड़ ने तेज उछाल वाली गेंदों से बल्लेबाजों की परीक्षा ली। स्पिनर कुलदीप यादव ने भी लंबा अभ्यास किया, जबकि स्थानीय स्पिन गेंदबाजों को भी नेट्स में बुलाया गया ताकि भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड की परिस्थितियों के अनुसार खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सकें। टीम के कोचिंग स्टाफ ने भी खिलाड़ियों के अभ्यास पर लगातार नजर रखी।
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