
Varanasi Uday Pratap College Controversy: वक्फ बोर्ड में सुधारों की मांग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को बनारस के उदय प्रताप कॉलेज में कुछ छात्रों ने मजार पर जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने का फैसला किया। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिशि तो दोनों ओर से जमकर खींचतान देखी गई। हालांकि, जब छात्र नहीं माने तो पुलिस ने कईयों को हिरासत में ले लिया। फिर जामकर स्थिति समान्य हुई।
दरअसल, साल 2018 में सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से दावा किया गया था कि कॉलेज के अंदर बनी मजार पर उनका हक है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के द्वारा कॉलेज को वक्फ संपत्ति घोषित कर दी गई। ये मामला प्रकाश में आने के बाद बड़ी संख्या में शुक्रवार को नमाजी मजार पर नमाज पढ़ने पहुंच गए। जिससे आक्रोशित होकर आज बड़ी संख्या में छात्र मजार पर जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान कर दिया।
वक्फ बोर्ड का फूंका गया पुतला
दरअसल, उदय प्रताप कॉलेज को वक्फ की जमीन घोषित करने के बाद छात्रों और वहां के कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। इसी कारण आज सुबह छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने पहले वक्फ बोर्ड का पुतला फूंका और फिर मजार पर हनुमान चालीसा पढ़ने निकल गए। इस दौरान वो भारत माता की जय और जय श्री राम के नारे लगाते रहे। हालांकि, मामले को गंभीरता को देखते हुए पुलिस पहले से ही सतर्क थी। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस ने छात्रों से लौटने का अनुरोध किया, फिर बात ना सुनने पर कुल 9 छात्रों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, अभी वहां हालात समान्य है।
पुलिस का बयान आया सामने
इस मामले पर डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीना ने कहा, "उदय प्रताप कॉलेज में परीक्षाएं चल रही हैं। हमें स्कूल प्रशासन से पत्र मिला है कि कुछ बाहरी तत्व छात्रों को परेशान कर रहे हैं और उन्होंने (स्कूल प्रशासन) पुलिस से मदद मांगी है और इसलिए हमने सुरक्षा प्रदान की है।"
बता दें, उदय प्रताप कॉलेज की स्थापना साल 1909 में महाराजा राजर्षि जूदेव ने की थी। इस परिसर के अंदर अलग-अलग संस्थान है। जिसमें उदय प्रताप इंटर कॉलेज, रानी मुरार बालिका इंटर कॉलेज, उदय प्रताप पब्लिक स्कूल, मैनेजमेंट कॉलेज और उदय प्रताप स्वायत्तशासी कॉलेज शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, इस कॉलेज में 15 हजार छात्र पढ़ते हैं।
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