
Vande Bharat Sleeper train Delay Reason: भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार हो गया है और जल्द ही इसका ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। हालांकि, यह ट्रेन दिसंबर 2024 तक चालू होने की उम्मीद थी, लेकिन इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने के बाद इसके ट्रायल रन में देरी हो रही है। यह ट्रेन बेंगलुरु स्थित BEML लिमिटेड द्वारा डेवलप की जा रही है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रोलआउट ट्रायल रन के सफल समापन पर निर्भर करेगा। वहीं, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के सूत्रों का कहना है कि BEML ने ट्रेन के आंतरिक काम को बिना जरूरी गुणवत्ता जांच किए जल्दी-जल्दी पूरा किया, जिसके कारण ट्रेन में कुछ कारीगरी की समस्याएं आईं।
ICF ने BEML को भेजा पत्र
ICF ने BEML को लिखे गए एक पत्र में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के प्रोटोटाइप में खराब गुणवत्ता और 4 अक्टूबर को आई समस्याओं को जस का तस छोड़ने पर गंभीर चिंता जताई है। इस पत्र में ICF ने यह भी चेतावनी दी कि ट्रेन के लॉन्च में लगातार हो रही देरी से रेलवे को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि जनता इसे लेकर बहुत उत्साहित है।
81 समस्याओं का खुलासा, BEML से अपडेट की मांग
5 अक्टूबर को ICF ने BEML को एक और पत्र भेजा था, जिसमें वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 81 समस्याएं उजागर की गईं थीं। ICF के अनुसार, BEML से यह पता नहीं चल पा रहा है कि इन समस्याओं पर क्या कार्रवाई की जा रही है।
BEML का जवाब
हालांकि, ICF के महाप्रबंधक यू सुब्बा राव ने मनीकंट्रोल को बताया कि इस मामले में कोई बड़ी देरी नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रेन के प्रोटोटाइप सेट में मामूली कमीशनिंग और साइड फर्निशिंग दिक्कतों को हल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेन सेट को 10 दिसंबर तक रेलवे डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ), लखनऊ भेजा जाएगा, जहां उसका ऑसीलेशन ट्रायल किया जाएगा।
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