Uttrakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाना उनकी सरकार का विकल्प रहित संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को काशीपुर में आयोजित विधानसभा प्रभारी वर्ग एवं विस्तारक योजना वर्ग के समापन सत्र में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और संगठन की भूमिका पर विस्तार से बात रखी।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष, प्रदेश सह प्रभारी अरविंद मेनन एवं बांसुरी स्वराज और प्रदेश महामंत्री (संगठन) फणींद्रनाथ शर्मा सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने, सख्त नकल विरोधी कानून बनाने, धर्मांतरण के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन निर्णयों से उत्तराखंड में सुशासन को नई दिशा मिली है।
अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना सुशासन का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, महिलाओं को सशक्त बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। इसके साथ ही सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार हो रहा विकास
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां विशिष्ट हैं। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की आवश्यकताएं अलग-अलग हैं। ऐसे में सरकार स्थानीय जरूरतों और जनसमस्याओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचे तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
विपक्ष के मुद्दों पर तथ्यों और प्रमाणों से देंगे जवाब
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे विभिन्न मुद्दों पर कहा कि लोकतंत्र में तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर संवाद होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ चर्चा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर जनता के सामने अपनी बात तथ्यों और प्रमाणों के साथ रखी जाएगी। सोशल मीडिया को जनसंवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके जरिए सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े निर्णयों की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भ्रामक सूचनाओं का जवाब तथ्यों, प्रमाणों और संयमित भाषा में देना आवश्यक है।
रोजगार, महिला सशक्तीकरण और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और पूर्व सैनिकों के हित में निरंतर काम कर रही है। विकास योजनाओं को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लागू करने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में विकास कार्यों को गति मिल रही है। सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संगठनात्मक कार्यों और जनसंपर्क पर हुआ मंथन
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ नेताओं ने विधानसभा प्रभारियों और विस्तारकों को संगठनात्मक कार्यों, जनसंपर्क तथा आगामी गतिविधियों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। समापन सत्र में मुख्यमंत्री ने संगठन और सरकार के बीच समन्वय, योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने तथा जनहित के विषयों पर प्रभावी संवाद की भूमिका पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।