Search KhabarFast

Press ESC to close

Bihar news:बिहार के 37 हजार स्कूलों तक पहुंचेगा ‘मशाल’ कार्यक्रम, 27 लाख विद्यार्थियों की भागीदारी के बाद अब CBSE स्कूल भी होंगे शामिल

Bihar news:बिहार के 37 हजार स्कूलों तक पहुंचेगा ‘मशाल’ कार्यक्रम, 27 लाख विद्यार्थियों की भागीदारी के बाद अब CBSE स्कूल भी होंगे शामिल

Bihar News:बिहार में स्कूली स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए खेल विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। ‘मशाल’ कार्यक्रम का आयोजन 20 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इस बार राज्य के लगभग 37 हजार मध्य एवं उच्च विद्यालयों के साथ CBSE से संबद्ध विद्यालयों को भी कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और खेलों की अन्य विधाओं को भी शामिल करने पर जोर दिया है।

पटना में 14 अक्टूबर 2026 को खेल विभाग, बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में ‘मशाल’ कार्यक्रम और एकलव्य खेल केंद्रों के संचालन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA) के महानिदेशक रवींद्रण शंकरन, खेल निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय समेत विभाग और प्राधिकरण के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में आगामी कार्यक्रम की तैयारियों, विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और अधिकाधिक विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।

20 नवंबर से 28 फरवरी तक आयोजित होगा मशाल कार्यक्रम

‘मशाल’ कार्यक्रम बिहार में विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान करने, उनके कौशल को विकसित करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की पहल है। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के लगभग 37,000 मध्य एवं उच्च विद्यालयों को शामिल किया जाता है।

इस वर्ष CBSE से संबद्ध विद्यालयों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा विभाग और खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि भविष्य में बिहार को बेहतर खिलाड़ी मिल सकें।

एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी समेत पांच खेलों में मिलेगा मौका

वर्तमान में ‘मशाल’ कार्यक्रम के तहत पांच खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। इनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी, साइक्लिंग और वॉलीबॉल शामिल हैं।

कार्यक्रम में अंडर-14 और अंडर-16 आयु वर्ग के विद्यार्थी भाग लेने के पात्र हैं। प्रतियोगिताओं की शुरुआत विद्यालय स्तर से होती है, जिसके बाद संकुल संसाधन केंद्र (CRC), जिला और राज्य स्तर तक आयोजन किया जाता है।

इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विभिन्न स्तरों पर प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

पिछले साल 27 लाख विद्यार्थियों ने लिया था हिस्सा

पिछले वर्ष ‘मशाल’ कार्यक्रम में बिहार के लगभग 27 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इस व्यापक भागीदारी को देखते हुए इस बार भी कार्यक्रम की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कार्यक्रम में खेल की अन्य विधाओं को शामिल करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप खेलों में भाग लेने का अवसर देना है।

कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में खेल प्रतिभाओं की शुरुआती पहचान, खिलाड़ियों के कौशल का विकास, भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों की प्रतिभा श्रृंखला तैयार करना, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और खेल के क्षेत्र में अनुसंधान एवं ज्ञान को प्रोत्साहित करना शामिल है।

बिहार के 44 एकलव्य खेल केंद्रों में 800 से अधिक खिलाड़ी ले रहे प्रशिक्षण

बैठक में एकलव्य खेल केंद्रों के संचालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में बिहार के 44 एकलव्य खेल केंद्रों में 800 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

समीक्षा के दौरान खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक अवसर देने पर चर्चा हुई।

एकलव्य खेल केंद्रों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उनकी खेल क्षमता विकसित करने और प्रतिस्पर्धात्मक खेलों के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

खेल मंत्री ने विद्यार्थियों से की भाग लेने की अपील

खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने विद्यार्थियों से ‘मशाल’ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए अपनी खेल प्रतिभा दिखाने, कौशल निखारने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनकी खेल यात्रा में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यालय स्तर से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सकें।

बिहार में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

‘मशाल’ कार्यक्रम और एकलव्य खेल केंद्रों के माध्यम से बिहार सरकार विद्यालयों में खेल संस्कृति को मजबूत करने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

लगभग 37 हजार विद्यालयों तक कार्यक्रम की पहुंच, CBSE स्कूलों को शामिल करने की पहल और विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताओं के आयोजन से अधिक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। अब कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विद्यालयों में पंजीकरण, प्रतियोगिताओं के आयोजन और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे के प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रक्रिया कितनी प्रभावी रहती है।

 

Also read: Bihar News:बिहार के 1.08 करोड़ पेंशनधारियों के खाते में 1,237 करोड़ रुपये ट्रांसफर, हर महीने की 10 तारीख को मिलेगी राशि

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

Bihar News: 2.48 लाख बाढ़ प्रभावित किसानों के खाते में पहुंचे 112.52 करोड़ रुपये, CM सम्राट चौधरी ने जारी की अनुदान राशि

Bihar Flood Relief :बिहार के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 112.52 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में अतिवृष्टि और नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण आई बाढ़ से किसानों की फसलों को नुकसान

Uttrakhand News:अंकिता भंडारी हत्याकांड: दोषियों को उम्रकैद, धामी सरकार ने न्याय दिलाने के लिए उठाए कई कदम

Uttrakhand News:अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने मामले में की गई कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उठाए गए कदमों को रेखांकित किया है। सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में घटना के सामने आने के बाद से ही आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast