Bihar Flood Relief :बिहार के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 112.52 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में अतिवृष्टि और नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण आई बाढ़ से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए पात्र किसानों को भी अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाए।
पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष में कृषि विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किसानों के खातों में अनुदान राशि हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कृषि इनपुट अनुदान के लिए कुल 4,57,616 किसानों ने आवेदन किया है। इनमें से 2,48,704 प्रभावित किसानों के खातों में 112.52 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसल क्षति झेलने वाले किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को समय पर मदद मिले, ताकि वे खेती-किसानी के काम को आगे बढ़ा सकें।
22 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान, छूटे किसानों को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि दशहरा के बाद 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाया जाए। इस अभियान के तहत बाढ़ से फसल क्षति झेलने वाले उन पात्र किसानों की पहचान की जाएगी, जिन्हें अभी तक अनुदान राशि नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी आपदा प्रभावित किसान सहायता राशि से वंचित न रहे। उन्होंने संबंधित विभागों को किसानों तक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से पूरी करने पर जोर दिया।
कितनी मिलती है कृषि इनपुट अनुदान राशि?
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत फसल क्षति की स्थिति में निर्धारित दरों के अनुसार किसानों को सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री के संबोधन के मुताबिक, अनुदान की दरें इस प्रकार हैं:
- **असिंचित क्षेत्र:** 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
- **सिंचित क्षेत्र:** 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।
- **शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसल:** 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
इस सहायता का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से फसल को हुए नुकसान के बाद किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में मदद करना है। पात्रता और वास्तविक सहायता राशि संबंधित नियमों तथा स्वीकृत फसल क्षति के आधार पर निर्धारित होती है।
किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ने किसानों के हितों और उनकी समस्याओं के समाधान पर लगातार काम किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बाढ़ के दौरान कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों ने समन्वय के साथ लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया। सरकार आगे भी आपदा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव और आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और कृषि विभाग के निदेशक मुकेश कुमार लाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
किसानों के लिए क्या है अहम बात?
बिहार के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि 2,48,704 किसानों के खातों में अनुदान राशि भेजी गई है और 22 अक्टूबर 2026 से छूटे हुए पात्र किसानों के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन किसानों ने आवेदन किया है, लेकिन अभी तक राशि नहीं मिली है, उन्हें अपने आवेदन की स्थिति और पात्रता के संबंध में संबंधित कृषि कार्यालय से जानकारी लेनी चाहिए। अनुदान का लाभ पाने के लिए विभागीय सत्यापन और निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।
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