
LandslideInKedarnath:बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लौट रहे तीर्थ यात्रियों पर सोमवार शाम को केदार घाटी के एक भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में मलबा और पत्थर गिरने से एक दुखद घटना घटित हुई। इस हादसे में पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मलबे में दबे होने के कारण एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
यह घटना केदारनाथ मार्ग पर कोतवाली सोनप्रयाग से लगभग एक किलोमीटर दूर गौरीकुंड की ओर हुई। तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन करने के बाद गौरीकुंड से सोनप्रयाग की ओर लौट रहे थे, जब अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने लगे। कुछ यात्रियों ने भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन कई यात्री मलबे की चपेट में आ गए।
रेस्क्यू अभियान की चुनौतियाँ
भूस्खलन की सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रात भर चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबा हटाकर गोपाल जी को अचेत अवस्था में मलबे से निकाला गया, जिन्हें चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। तीन घायल श्रद्धालुओं को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
मलबे में और लोग दबे होने की आशंका के कारण, रेस्क्यू टीमों ने रात भर काम जारी रखा, लेकिन लगातार पत्थर और मलबा गिरने की वजह से काम में बाधाएं आईं। खराब मौसम और भूस्खलन के कारण रेस्क्यू कार्य में काफी कठिनाइयाँ आ रही थीं।
मंगलवार को फिर शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
मंगलवार सुबह मौसम में सुधार होने के साथ ही और पहाड़ी से मलबा गिरना रुकने पर, रेस्क्यू टीमों ने फिर से मलबा हटाने का काम शुरू किया। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त प्रयास से मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए कार्य जारी रखा है।
रेस्क्यू अभियान की टीमों को उम्मीद है कि वे जल्द ही बाकी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल सकेंगे। फिलहाल, क्षेत्र में मलबा हटाने और स्थिति पर नजर रखने का काम चल रहा है, और स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित दलों को सहायता देने का आश्वासन दिया है।
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