Chamoli Glacier Burst: 6 फीट बर्फ के नीचे 22 मजदूरों की तलाश जारी, राहत बचाव कार्य में बर्फबारी बनी बाधा

Chamoli Glacier Burst: 6 फीट बर्फ के नीचे 22 मजदूरों की तलाश जारी, राहत बचाव कार्य में बर्फबारी बनी बाधा

Chamoli Glacier Burst: उत्तराखंड के चमोली जिले में माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन में 6 फीट बर्फ के नीचे 22 मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है। यह घटना शुक्रवार, 28 फरवरी 2025 को सुबह 7:15 बजे हुई, जब बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम चमोली-बद्रीनाथ हाईवे पर बर्फ हटाने का काम कर रही थी। कुल 55 मजदूर बर्फ में दब गए थे, जिनमें से 33 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हालांकि, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में बड़ी चुनौतियां आ रही हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना, NDRF, SDRF, ITBP, और BRO की टीमें लगी हुई हैं, लेकिन लगातार बर्फबारी और खराब विजिबिलिटी ने हेलिकॉप्टर और ड्रोन के इस्तेमाल को मुश्किल बना दिया है। उत्तराखंड मौसम विभाग ने चमोली, पिथौरागढ़, और रुद्रप्रयाग जिलों में शनिवार सुबह तक भारी बर्फबारी और बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज घटनास्थल का दौरा करने वाले हैं। फिलहाल, बचाव दल 22 लापता मजदूरों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मौसम की मार और दुर्गम इलाका इस काम को कठिन बना रहा है।

मौसम लगातार खराब चल रहा है

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा," वहां पर मौसम लगातार खराब चल रहा है। मुख्यमंत्री लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कल दो बार कंट्रोल रूम  का भ्रमण किया । उन्होंने हर चीज पर विस्तृत जानकारी ली। बचाव और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। कल तक 55 में से 33 लोगों को बचाया गया। शेष 22 लोगों के लिए बचाव और राहत कार्य चल रहा है। 200 से ज्यादा लोगों को मौके पर (बचाव कार्य के लिए) भेजने की तैयारी है। चार हेलीकॉप्टर काम कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर और सुविधाएं ली जाएंगी।

मौसम साफ होने के बाद राहत बचाव कार्य में होगी तेजी

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारतीय वायुसेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर है, मौसम साफ होते ही यह यहां पहुंच जाएगा। जोशीमठ में मौसम साफ हो रहा है। हम माणा के पास एक हेलीपैड बना रहे हैं, क्योंकि हमारा हेलीपैड बर्फ से ढका हुआ है। बर्फ हटाने का काम जारी है। हमें उम्मीद है कि हेलीपैड तैयार होने के बाद बचाव और राहत कार्य में और तेजी आएगी। लगातार बर्फबारी के कारण रात में बचाव कार्य रोक दिया गया था। बचाव और राहत दलों को कोई खतरा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए रात में ऑपरेशन रोक दिया गया था। आज सुबह से ही काम फिर से शुरू हो गया है। जोशीमठ में हमारी मेडिकल टीम तैयार है। उनके पास सभी ज़रूरी दवाइयां हैं। सेना, ITBP, BRO, NDRF, SDRF, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।

 

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