खराब मौसम और भारी बर्फबारी से रेस्क्यू टीम की बढ़ी मुश्किलें, माणा हिमस्खलन में फंसे 47 मजदूर

खराब मौसम और भारी बर्फबारी से रेस्क्यू टीम की बढ़ी मुश्किलें, माणा हिमस्खलन में फंसे 47 मजदूर

Chamoli Glacier Burst: उत्तराखंड के चमोली के माणा गांव में आज शुक्रवार को एक ग्लेशियर टूटा (हिमस्खलन) है। इस वजह से बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के 57 बर्फ में फंसे हुए थे। जिसमें से अब तक 16 मजदूरों को सही सलामत निकाला गया है। मजदूरों को बचाने के लिए  SDRF, NDRF, जिला प्रशासन, आईटीबीपी और बीआरओ की टीमें मौके पर मौजूद रही।

बता दें, माणा गांव भारत-चीन सीमा पर 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अंतिम गांव है। यह गांव बद्रीनाथ से लगभग 4 किमी की दूरी पर स्थित है। ये घटना सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। जब मजदूर सेना के मूवमेंट के लिए बर्फ हटाने का काम कर रहे थे। तभी अचानक ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटा गया और मजदूर बर्फ की चपेट में आ गए।

16 लोगों को किया गया रेस्क्यू

चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि अभी भी बचाव अभियान जारी है। लेकिन खराब मौसम और भारी बर्फबारी की वजह से रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आगे बताया कि पूरे इलाके में घुटनों तक बर्फ ही बर्फ है। बावजूद इसके रेस्क्यू टीम ने अभी तक 16 लोगों को बचा लिया है। संदीप तिवारी ने आगे बताया कि बताया इस घटना की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें मौके पर भेजी गई हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा? 

इस घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीम ने अभी तक 16 लोगों का रेस्क्यू किया हैं। बचाव अभियान अभी भी जारी है। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके हमारा पूरा प्रशासन लोगों को बचाने में लगा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। हमारी यही कोशिश रहेगी कि सभी को जल्दी से सुरक्षित बाहर निकाला जाए।

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