
Sambhal Violence Judicial Commission Probe: संभल में 24नवंबर को हुई हिंसा की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग रविवार को घटनास्थल पर पहुंचा। आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा कर रहे हैं। अन्य सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद और अरविंद कुमार जैन हैं। इस दौरान आयोग ने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और जामा मस्जिद में हुई घटना का निरीक्षण किया।
न्यायिक आयोग के तीनों सदस्य जामा मस्जिद का निरीक्षण करने पहुंचे, जहां 24नवंबर को उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और सरकारी वाहनों में आग लगा दी थी। इस दौरान मुरादाबाद डिवीजन के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह और डीआईजी मुनिराज जी भी आयोग के साथ थे। हिंसा के स्थल पर भारी पुलिसबल तैनात किया गया था और सुरक्षा के लिए रस्सी से घेरा बनाया गया था।
हिंसा के कारणों की तलाश
न्यायिक आयोग का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या हिंसा एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी या एक आकस्मिक घटना। इसके अलावा, आयोग यह भी जांचेगा कि पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक तो नहीं हुई। मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि जांच समिति आवश्यक कदम उठाएगी और राज्य सरकार उनकी सुरक्षा और सहयोग सुनिश्चित करेगी।
विपक्ष का राज्य सरकार के खिलाफ विरोध
यह हिंसा तब हुई जब स्थानीय कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था। सर्वे टीम का विरोध करने के बाद भी पुलिस की मौजूदगी में सर्वे हुआ, और मस्जिद के बाहर हजारों की भीड़ ने पथराव और आगजनी शुरू कर दी। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना के बाद विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर हमला किया, और संसद में भी विरोध हुआ।
आगे की कार्रवाई
न्यायिक आयोग ने अपनी जांच को संभल कोतवाली से शुरू किया और हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। अब आयोग स्थानीय लोगों से पूछताछ करने की तैयारी कर रहा है। इस मामले के असल कारणों का पता चलने के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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