
Mahakumbh 2025: आज से महाकुंभ 2025का महापर्व प्रयागराज में शुरू हो गया है। श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम में स्नान कर रहे हैं। आज का दिन पौष पूर्णिमा का अमृत स्नान है। लाखों श्रद्धालु पुण्य लाभ के लिए संगम में डुबकी लगा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके बताया कि पहले स्नान पर्व पर 1.5करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी और महाकुंभ मेला प्रशासन, प्रयागराज प्रशासन, और अन्य विभागों का आभार व्यक्त किया।
मकर संक्रांति पर होगा और भी बड़ा स्नान
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन होने वाला स्नान आज से भी बड़ा होगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और मेला प्रशासन ने डेढ़ साल की मेहनत से महाकुंभ के लिए करीब 7,000करोड़ रुपए के कार्य किए हैं। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
संगम में लाखों श्रद्धालुओं का आगमन
पौष पूर्णिमा से एक दिन पहले, रविवार को करीब 50लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। शनिवार को भी 33लाख श्रद्धालुओं ने इस पवित्र स्थान पर डुबकी लगाई।
कुंभ स्नान का धार्मिक महत्व
कुंभ मेला धार्मिक मान्यता के अनुसार पापों से मुक्ति पाने का अवसर होता है। इसे शाही स्नान कहा जाता है, जो पापों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। समुद्र मंथन से निकले अमृत की बूंदें जिन स्थानों पर गिरीं, वहां कुंभ मेला आयोजित किया जाता है।
महाकुंभ 2025के पहले स्नान पर्व ने लाखों श्रद्धालुओं को संगम पर एकजुट किया और इस महापर्व को ऐतिहासिक अवसर बना दिया।
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