
Ayodhya Rape Case: अयोध्या में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 22वर्षीय दलित युवती के साथ दुष्कर्म कर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को नग्न अवस्था में नहर में फेंक दिया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बता दें कि,मृतका का शव गांव से लगभग 500मीटर दूर नहर में पड़ा मिला। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि देखने वालों की रूह कांप गई। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे, आंखें फोड़ दी गई थीं, और शरीर पर कई धारदार हथियारों के घाव थे। इससे पूरे गांव में दहशत फैल गई।
जांच में जुटी पुलिस, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। CCTVफुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर तीन आरोपियों हरी राम कोरी, विजय साहू और दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों ने शराब के नशे में गांव के ही एक स्कूल में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया और बाद में शव को नहर में फेंक दिया।
30जनवरी को हुई थी लापता
मृतका 30जनवरी की रात भागवत कथा देखने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। खोजबीन के दौरान खून के निशान और उसके कपड़े मिलने से परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस को सूचना देने के बावजूद 24घंटे तक युवती का कोई पता नहीं चला। आखिरकार, शनिवार सुबह उसका शव नहर में मिला।
परिजनों में आक्रोश
इस जघन्य अपराध से मृतका के परिवार में आक्रोश है। मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रशासन पर सवाल उठाए, जबकि सपा नेता अवधेश प्रसाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों को कड़ी सजा देने का आश्वासन दिया और कहा कि इस मामले में किसी भी राजनीतिक संलिप्तता की जांच होगी।
न्याय की मांग, पुलिस जांच जारी
पुलिस ने इस जघन्य अपराध की जांच के लिए चार टीमें गठित की हैं और आरोपियों से पूछताछ जारी है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।
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