
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रामनगर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोग बताते हैं कि हत्या के जुर्म में गिरफ्तार मिट्ठू डेढ़ साल से खड़ा है, बैठा नहीं है. मिट्ठू के इस दर्द को किसी ने ट्वीट के जरिए वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश तक पहुंचाया. उन्होंने चिड़ियाघर के डायरेक्टर रमेश पांडेय से बात कर पैरोल पर रिहा कराने की बात की.
करीब डेढ़ साल से ज्यादा वक्त से बेड़ियों में जकड़े हाथी मिठ्ठू की पैरोल पर रिहाई की उम्मीद जगी है. ये पहल खुद वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए मिठ्ठू बीते डेढ़ साल से ज्यादा समय से इसी तरह बेड़ियों में जकड़ा हुआ है. जानकार और रामनगर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े आसपास के लोग बताते हैं कि बात आगे बढ़ी और अब मिठ्ठू को जल्द रिहा होकर लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क भेजने की उम्मीद जगी है.
जानकारी ली गई कि पता चला कि व्यक्ति की जान चली गई थी. इसमे महावत को जमानत मिल गई है लेकिन इस बेजुबान जानवर को कोई राहत नहीं मिली घटना 20 अक्तूबर 2020 की है. महावत के बेटे रिंकू ने बताया कि वो रामनगर की रामलीला में आया था. लौट रहा था तो छेड़खानी से गुस्से में आए नर हाथी महावत को अब बेल मिल गयी परंतु इस विशाल नर हाथी के मालिक को अब भी हाथी के बरी होने का इंतज़ार है. महावत का बेटा अपने इस हाथी से प्यारकरता है. यही वजह है कि अपने गजराज की सेवा में दिन रात लगा रहता है.
Leave a comment