UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक सम्मेलन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होने कहा कि किसी भी समाज की, प्रदेश की और देश आधारभूत पहचान की व्यवस्था वहां की शिक्षा व्यवस्था से होती है। कभी उत्तर प्रदेश अपनी शिक्षा व्यवस्था की कृष्टता के कारण देश में अग्रणी स्थान रखता था। इसका सम्मान था। जैसे-जैसे आजादी के बाद सरकारों के एजेंडे से शिक्षा हटती गई, शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा हुई, उसका दुष्परिणाम अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा, प्रदेश की व्यवस्था पर भी पड़ा।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि कानून व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा और 2017 आते-आते तो ये हाल हो गए थे कि प्रदेश के सामने पहचान का संकट आ खड़ा हो गया था। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लगभग चौपट सा कर दिया गया था। मैं उन सम्मानित शिक्षकों का अभिनंदन करूंगा जिन्होंने उस घोर काल में भी शिक्षा की ज्योति को पकड़कर उसे बुझने नहीं दिया और उत्तर प्रदेश को फिर से खड़ा करने के लिए अपने जज्बे का इस्तेमाल किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, "यूपी बदल चुका है 2017 के पहले कोई भी पर्व आता था, उत्सव लोग भूल जाते थे क्योंकि पहले ही उपद्रव शुरू हो जाता था। अब लोग उपद्रव भूल गए हैं। हर गांव में, हर क्षेत्र में, हजारों की संख्या में मूर्तियों को रखकर के लोग शारदीय नवरात्रि के अनुष्ठान से जुड़ गए हैं। पहले हम देखते थे कि मूर्ति स्थापना का कार्य पंचमी से सप्तमी के बीच में होता था। मैंने इस बार देखा है कि प्रतिपदा की तिथि में ही लोगों ने मूर्ति रखकर पूजा करना शुरू कर दिया और भीड़ शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि मैं लगातार देवी मंदिरों की सूचना ले रहा हूं कि कहां पर कितनी भीड़ है।
यूपी के बारे में देश और दुनिया की धारणा बदल दी है- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि लोग बेझिझक निडर होकर घर के बाहर निकल सकते हैं। सुरक्षा का एक माहौल है और सुरक्षा के उस माहौल में ही निडर होकर के लोग दर्शन का आनंद ले पा रहे हैं। जगह-जगह शक्तिपीठों पर दर्शन कर पा रहे हैं। यह जो सुरक्षित उत्तर प्रदेश हुआ है, इसने यूपी के बारे में देश और दुनिया की धारणा बदल दी है।