
Kedarnath Dham: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल केदारनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। यह जानकारी स्थानीय विधायक आशा नौटियाल ने दी। उन्होंने कहा कि कुछ गैर हिंदू तत्व धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए उन पर रोक लगाना जरूरी हो गया है।
धार्मिक स्थल पर नियमों के उल्लंघन का आरोप
विधायक आशा नौटियाल के अनुसार, कुछ गैर हिंदू लोग केदारनाथ धाम में मांस, मछली और शराब बेच रहे हैं, जिससे इस पवित्र स्थल की गरिमा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर प्रतिबंध लगाना है। तीर्थस्थल की पवित्रता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।"
उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने केदारनाथ में स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि कुछ गैर हिंदू लोग केदारनाथ धाम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। बैठक में यह सुझाव दिया गया कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
राजनीतिक दलों और मानवाधिकार संगठनों ने उठाए सवाल
केदारनाथ हिंदू धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों का मानना है कि धार्मिक परंपराओं का सख्ती से पालन होना चाहिए। कई संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर कुछ राजनीतिक दलों और मानवाधिकार संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह प्रतिबंध संविधान के मौलिक अधिकारों के खिलाफ हो सकता है। विपक्षी दलों ने सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है।
सरकार के फैसले पर सबकी नजरें
विधायक आशा नौटियाल के इस बयान के बाद राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो इसे लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो सकती है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है और क्या वास्तव में केदारनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगेगा।
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