
रायपुर: राजस्थान के उदयपुर शहर में मंगलवार को दिनदहाड़े कन्हैयालाल नाम के एक टेलर की हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस ने हत्या के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। वहीं परिजनों का आरोप है कि इस हत्या में 20-25 लोगों का ग्रुप शामिल है। हत्या के मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया है, लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हाथ में लेने के निर्देश दिया है।
दरअसल मामला 15 जून से शुरू हुआ था। कन्हैयालाल के फोन से नूपुर शर्मा के समर्थन में एक मैसेज किया गया था। जिसका उनके आसपास के लोगों ने विरोध किया और उनके पड़ोस में रहने वाले एक शख्स से कन्हैयालाल के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। जिसके बाद कन्हैयालाल को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि कन्हैयालाल को कोर्ट से जमानत मिल गई। कन्हैयालाल की ट्रेलर की दुकान है। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कन्हैयालाल ने अपनी दुकान खोलनी शुरू की तो उसे जान से मारने की धमकियां मिलने लगी और दुकान ना खोलने की बात भी कहीं जाने लगी। कन्हैयालाल ने पुलिस को अपनी हत्या की आशंका जताई थी। कन्हैयालाल ने पुलिस को बताया कि नाजिम और उनके 5 साथियों उनके दुकान की रेकी कर रहे है और दुकान भी खोले नहीं दे रहे है। लेकिन पुलिस ने इस पर की ठोस कार्रवाई नहीं की।
इतना ही नहीं कन्हैयालाल ने नाजिम समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी। साथ ही सुरक्षा मांगी थी। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया गया था। लेकिन मामला यहीं नहीं रूका। मंगलवार की सुबह करीब 12 बजे अख्तारी और गौस मोहम्मद नाम के दो व्यक्ति कपड़े सिलवाने के लिए कन्हैयालाल के दुकान पर आए। लेकिन कन्हैयालाल जब एक शख्स के कपड़े सिलने के लिए नाप लेने लगे तो कुछ देर बाद उस शख्स ने कन्हैयालाल को मारना शुरू कर दिया साथ ही दुसरे शख्स ने मारना शुरू कर दिया और फिर इसकी गला रेत कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने सोशल मीडिया पर हत्या की वीडियों शेयर की और साथ ही हत्या की बात कही। कन्हैयालाल की हत्या के बाद शहर में कानून व्यवस्था को देखते हुए राज्य भर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है और अगले एक महीने के लिए सभी ज़िलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। वहीं उदयपुर संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट ने मृतक कन्हैया लाल के परिजनों को 31 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा। आरोपी गोस मोहम्मद और रियाज़ उदयपुर के सूरजपोल क्षेत्र के निवासी हैं।
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